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विकास का पीछा करने में जिले को देश में तीसरा स्थान
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विकास का पीछा करने में जिले को देश में तीसरा स्थान
सिद्धार्थनगर। पिछड़े जिलों में शुमार सिद्धार्थनगर ने विकास की रफ्तार बढ़ा दी है। आकांक्षी जिला सिद्धार्थनगर की विकास में रैंकिंग सुधर रही है। अगस्त में आई रिपोर्ट के अनुसार, नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में सिद्धार्थनगर लक्ष्यों को प्राप्त करने में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में दूसरा स्थान है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिला आकांक्षा जिला से अग्रणी जिला की ओर बढ़ रहा है। देश में 112 और प्रदेश में आठ जिले विकास में पीछे होने के कारण आकांक्षी जिले में शामिल किए गए हैं। प्रदेश के फतेहपुर ने विकास के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रथम स्थान पर है। डेल्टा रैंकिंग में 49 सूचकांक के आधार पर पांच विषयगत क्षेत्रों में विकास के मुताबिक प्रत्येक माह रिपोर्ट जारी है। इसमें जिले की रिपोर्ट निरंतर सुधर रही है।
डेल्टा रैंकिंग में जिले में ज्यादा काम होता है, उस महीने रैंकिंग उसकी ऊपर हो जाती है। यह रैंकिंग स्थायी नहीं है। सीडीओ पुलकित गर्ग ने कहा कि सिद्धार्थनगर में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए जा रहे हैं। विकास कार्यों के आधार पर रैंकिंग की जाती है। रैंकिंग में सुधार विकास कार्यों का प्रमाण है। हर क्षेत्र में सुविधाओं का स्तर सुधारने की निरंतर कोशिश की जा रही है।
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इस तरह सुधर रही रैकिंग
अगस्त में आई रिपोर्ट के अनुसार, देश के 112 जिलों में कराए गए विकास के मामले की रैंकिंग में देश में सिद्धार्थनगर को तीसरा स्थान मिला है। जनवरी 2021 में इस मामले में जिले की रैंकिंग 64वीं थी। जून 2020 में प्रदेश में सिद्धार्थनगर 8वें स्थान पर था। स्वास्थ्य एवं पोषण में जून 2020 में 111वीं रैंक थी, जबकि अब 13वीं रैंक है। शिक्षा में जिले की जून 2020 में 100वीं, मार्च 2021 में 49वीं थी, अगस्त में 11वीं है। आधारभूत संरचना में जून 2020 में 111वीं रैंकिंग थी, अगस्त में सातवीं रैंकिंग है। वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में जून 2020 में 111वीं यानी एक रैंकिंग छोड़ दें तो जिले की रैंकिंग सबसे नीचे थी। अगस्त में इस श्रेणी में दूसरी रैंकिंग हो गई है।
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सिद्धार्थनगर। पिछड़े जिलों में शुमार सिद्धार्थनगर ने विकास की रफ्तार बढ़ा दी है। आकांक्षी जिला सिद्धार्थनगर की विकास में रैंकिंग सुधर रही है। अगस्त में आई रिपोर्ट के अनुसार, नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में सिद्धार्थनगर लक्ष्यों को प्राप्त करने में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में दूसरा स्थान है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिला आकांक्षा जिला से अग्रणी जिला की ओर बढ़ रहा है। देश में 112 और प्रदेश में आठ जिले विकास में पीछे होने के कारण आकांक्षी जिले में शामिल किए गए हैं। प्रदेश के फतेहपुर ने विकास के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रथम स्थान पर है। डेल्टा रैंकिंग में 49 सूचकांक के आधार पर पांच विषयगत क्षेत्रों में विकास के मुताबिक प्रत्येक माह रिपोर्ट जारी है। इसमें जिले की रिपोर्ट निरंतर सुधर रही है।
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डेल्टा रैंकिंग में जिले में ज्यादा काम होता है, उस महीने रैंकिंग उसकी ऊपर हो जाती है। यह रैंकिंग स्थायी नहीं है। सीडीओ पुलकित गर्ग ने कहा कि सिद्धार्थनगर में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए जा रहे हैं। विकास कार्यों के आधार पर रैंकिंग की जाती है। रैंकिंग में सुधार विकास कार्यों का प्रमाण है। हर क्षेत्र में सुविधाओं का स्तर सुधारने की निरंतर कोशिश की जा रही है।
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इस तरह सुधर रही रैकिंग
अगस्त में आई रिपोर्ट के अनुसार, देश के 112 जिलों में कराए गए विकास के मामले की रैंकिंग में देश में सिद्धार्थनगर को तीसरा स्थान मिला है। जनवरी 2021 में इस मामले में जिले की रैंकिंग 64वीं थी। जून 2020 में प्रदेश में सिद्धार्थनगर 8वें स्थान पर था। स्वास्थ्य एवं पोषण में जून 2020 में 111वीं रैंक थी, जबकि अब 13वीं रैंक है। शिक्षा में जिले की जून 2020 में 100वीं, मार्च 2021 में 49वीं थी, अगस्त में 11वीं है। आधारभूत संरचना में जून 2020 में 111वीं रैंकिंग थी, अगस्त में सातवीं रैंकिंग है। वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में जून 2020 में 111वीं यानी एक रैंकिंग छोड़ दें तो जिले की रैंकिंग सबसे नीचे थी। अगस्त में इस श्रेणी में दूसरी रैंकिंग हो गई है।