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Siddharthnagar News: शहर की योजना बनी, मगर तय नहीं किए ऑटो के ठिकाने
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फोटो-संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के लोग आए दिन जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। जाम से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। अप्रैल में टैंपो स्टैंड बनाने को लेकर चर्चा की गई, लेकिन छह महीना बीतने के बाद लोगों को जाम से छुटकारा नहीं मिल पाया है। रूट व किराया तय न होने से लोगों को परेशानी होती है।
शहर बनने के बाद टैंपो के ठहराव के लिए अभी तक कोई जगह चिह्नित नहीं की गई है। इस कारण शहर में यात्रा करने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है। आए दिन सवारी को लेकर टैंपो चालक आपस में झगड़ते रहते हैं, जिससे लोगों को आने जाने में असुविधा होती है। किराया तय न होने से लोगों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे शहर में यात्रा करने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हर पांच मीटर पर एक ई-रिक्शा मिल जाता है, जिससे आए दिन लोगों को परेशान होना पड़ता है।
शहर के अमित ने बताया कि टैंपो चालकों की इतनी मनमानी हो गई है कि वह यात्रियों को बैठाने के लिए चाहे जहां ब्रेक मार देते हैं, जिससे पीछे से आने वाला चालक सावधान न रहे तो दुर्घटना होना निश्चित है।
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वर्जन
टैंपों का स्टैंड बनाने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। स्टैंड बनने के बाद व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
-विंध्याचल गुप्ता, ईओ
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सिद्धार्थनगर। शहर के लोग आए दिन जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। जाम से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। अप्रैल में टैंपो स्टैंड बनाने को लेकर चर्चा की गई, लेकिन छह महीना बीतने के बाद लोगों को जाम से छुटकारा नहीं मिल पाया है। रूट व किराया तय न होने से लोगों को परेशानी होती है।
शहर बनने के बाद टैंपो के ठहराव के लिए अभी तक कोई जगह चिह्नित नहीं की गई है। इस कारण शहर में यात्रा करने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है। आए दिन सवारी को लेकर टैंपो चालक आपस में झगड़ते रहते हैं, जिससे लोगों को आने जाने में असुविधा होती है। किराया तय न होने से लोगों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे शहर में यात्रा करने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हर पांच मीटर पर एक ई-रिक्शा मिल जाता है, जिससे आए दिन लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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शहर के अमित ने बताया कि टैंपो चालकों की इतनी मनमानी हो गई है कि वह यात्रियों को बैठाने के लिए चाहे जहां ब्रेक मार देते हैं, जिससे पीछे से आने वाला चालक सावधान न रहे तो दुर्घटना होना निश्चित है।
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टैंपों का स्टैंड बनाने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। स्टैंड बनने के बाद व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
-विंध्याचल गुप्ता, ईओ