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बच्चों ने प्रधानमंत्री का नाम बब्बन यादव बताया

Sat, 22 Apr 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sat, 22 Apr 2017 10:45 PM IST
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The children named the prime minister as Babbar Yadav
इटवा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुड़िला पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला
इटवा। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बदहाल है। भगवान भरोसे सब कुछ चल रहा है। छात्र प्रधानमंत्री का नाम बब्बन यादव बताते हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी को जानते हैं। छात्रों की उपस्थिति केवल रजिस्टर के पन्नों तक ही सिमट कर रह गई है। शिक्षा देने के नाम पर केवल कोरम पूरा किया जा रहा है। शौचालय के सामने से गुजरने के लिए नाक पर रूमाल रखने की जरूरत पड़ जाती है। अध्यापकों की मनमर्जी के सामने सभी विभागीय निर्देश नगण्य साबित हुए है। इस संबंध में एबीएसए भनवापुर मनीराम वर्मा का कहना है कि यदि ऐसा है तो दो दिनों मे ऐसे प्राइमरी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को चार्ज से मुक्त करने का कार्य किया जाएगा।
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प्राथमिक विद्यालय देवीपुर में प्रधानाध्यापक मंतराम यादव समेत चार शिक्षकों की तैनाती है, मगर बच्चों को सामान्य ज्ञान की चीजें नहीं मालूम। कक्षा चार की सूफिया, सरिता व दीनबंधु ने सीएम का नाम नरेंद्र मोदी व ग्राम प्रधान बब्बन यादव को प्रधानमंत्री बताया। बच्चे छोटी व सबसे बड़ी संख्या भी नहीं बता सके। विद्यालय में शौचालय की स्थिति दयनीय दिखी। हैंडपंप पीले रंग का पानी दे रहा है। बच्चे यहां से नहीं बल्कि गांव से पानी लाते है। इतने के बावजूद उपस्थिति संतोषजनक दिखी। 100 के सापेक्ष 92 छात्रों की उपस्थित रही।
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प्राइमरी विद्यालय सिकरा बुजुर्ग में सुबह 10 बजे विद्यालय से शिक्षक राधेश्याम शुक्ला नदारद रहे। छात्र कक्षा के बजाय खेलने में व्यस्त रहे। 151 के सापेक्ष मात्र 10 की उपस्थिति रही। दो वर्ष से एमडीएम नहीं बन रहा। रसोइयों को दो वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। जब मन करता है तो आती है। कक्षा 5 के छात्र शुभम मिश्रा व सत्यम मिश्रा को माता पिता का नाम नहीं बता सके। मुख्यमंत्री में अखिलेश यादव को बताया। शौचालय की स्थिति दयनीय है। इंडिया मार्क दूषित पानी दे रहा है। प्राइमरी विद्यालय मुड़िला मिश्र में सुबह 10.30 बजे विद्यालय में 97 के सापेक्ष मात्र 15 बच्चों की उपस्थिति मिली।
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कक्षा 3 की सावित्री, धनीराम, नंदनी को तहसील व माता-पिता का नाम नहीं पता रहा। शासन बदलने के बाद भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव के फोटो छपे बैग का वितरण 15 अप्रैल को किया गया है। विद्यालय में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। कभी-कभी एमडीएम बनने की बात छात्रों ने बताई।
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