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बाहर वालों से लड़ने से पहले घर संभालने की होगी चुनौती

Sat, 12 Feb 2022 10:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 10:27 PM IST
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The challenge will be to take care of the house before fighting with outsiders
बाहर वालों से लड़ने से पहले घर संभालने की होगी चुनौती
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सिद्धार्थनगर। सभी प्रमुख दलों से घोषित प्रत्याशियों को चुनावी अखाड़े में विरोधियों से दो-दो हाथ करने से पहले अपनी पार्टी के ही नाराज नेताओं को सहेजने की चुनौती होगी। जिले की पांचों सीट पर सभी पार्टियों में टिकट के दूसरे दावेदार दिग्गजों को मनाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी। कुछ स्थानों पर अब पार्टी का चेहरा रहे नेताओं का टिकट बदलने से भी नए प्रत्याशियों को इस चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
डुमरियागंज और बांसी विधानसभा क्षेत्र में अब तक सपा के चेहरा बन चुके दिग्गज नेताओं की जगह पार्टी ने नए चेहरे को उतार दिया। शोहरतगढ़ में पहली बार सपा ने गठबंधन के सहयोगी दल सुभासपा के लिए सीट छोड़ दी है। इससे यहां रूठे हुए लोगों को मनाने में पार्टी के दिग्गज भी जुटे हैं। शोहरतगढ़ के साथ डुमरियागंज और बांसी में भी टिकट दावेदार रहे नेताओं को सहेजना सपा के घोषित प्रत्याशियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
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भाजपा भी इससे अछूती नहीं है, इसमें भी बांसी, कपिलवस्तु, शोहरतगढ़ और इटवा सीट पर टिकट के कई दावेदार थे। भाजपा ने शोहरतगढ़ सीट सहयोगी अपना दल एस के लिए छोड़ने के साथ शेष चार सीटों पर पुराने चेहरों पर दांव लगाया है। यहां से दावेदार रहे दिग्गज पार्टी नेताओं को सहेजना घोषित प्रत्याशियों के लिए टेड़ी खीर होगी। कपिलवस्तु में भाजपा व शोहरतगढ़ में टिकट कटने से मायूस भाजपा व सहयोगी दल अपना दल एस के नेताओं को मनाने की चुनौती है।
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कांग्रेस में भी दावेदारों की तादाद कम नहीं थी। इसमें इटवा, शोहरतगढ़, बांसी और कपिलवस्तु से कई नेताओं ने टिकट की दावेदारी की थी, जिन्हें सहेजने के लिए पार्टी नेता जद्दोजहद कर रहे हैं। वैसे बसपा में भी कई दावेदार थे, लेकिन पार्टी के सख्त अनुशासन के चलते वह अपनी पीड़ा व्यक्त करने से भी कतराते हैं।
कांग्रेस दावेदार कर चुके हैं विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस से बांसी और शोहरतगढ़ से टिकट के दावेदार रहे नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी घोषित होते ही सार्वजनिक विरोध करना शुरू कर दिया। यहां तक कि पार्टी कार्यालय पर कई नेताओं के विरोध में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए विरोध जताया। जिस पर उनके विरूद्ध कार्रवाई करनी पड़ी।

सपा, भाजपा जिलाध्यक्ष भी रहे दावेदार
सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव बांसी से कई बार पार्टी के प्रत्याशी रहे और एक बार विधायक भी बने। इस बार उन्हें पार्टी के तरफ से प्रत्याशी बनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव शोहरतगढ़ से टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी के यह सीट सहयोगी दल के लिए छोड़ देने से उन्हें निराशा हाथ लगी।
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