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Siddharthnagar News: पांच बसों की मियाद पूरी, सितंबर से कठिन होगी गोरखपुर की यात्रा
Mon, 21 Aug 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:22 AM IST
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- अगले माह नीलामी में चली जाएंगी पांच पुरानी बसें, चार गोरखपुर व बस्ती रूट पर चलती है एक बस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिपो में बसों की कमी होने से वाराणसी सहित कई रूटों पर बस नहीं चलती हैं, लेकिन अब गोरखपुर व बस्ती रूट की यात्रा भी कठिन हो जाएगी। डिपो की पांच बसों का निर्धारण समय व किलोमीटर पूरा हो चुका है। नई बसें नहीं मिलीं तो इस रूट पर भी यात्रा दुरुह हो जाएगी।
रोडवेज में वर्तमान समय में 42 बसे हैं। बसों की संख्या कम होने से वाराणसी, लोटन सहित जिले के कई क्षेत्रों में बसों का संचालन नहीं हो रहा है। इस बीच पांच और बसों का निर्धारित समय पूरा हाे चुका है। इन बसों को नीलामी के लिए भेज दिया जाएगा, जिससे लोगों की यात्रा और भी कठिन हो सकती है। जिले से लगभग सैकड़ों यात्री गोरखपुर आते-जाते हैं। लेकिन पांच बसें कम हो जाने के बाद गोरखपुर की यात्रा कठिन हो जाएगी।
बस्ती जाने के लिए एक ही बस है, जिसका निर्धारित समय और किलोमीटर पूरा हो गया है। यह बस ऑफरोड हो जाने के बाद बस्ती के लिए आवागमन मुश्किल हो पाएगा, जबकि जनपद का मंडल होने के कारण कई लोगों का बस्ती आना जाना लगा रहता है। डिपो को नई बस नहीं मिलने से बस्ती की यात्रा मुश्किल हो जाएगी। ऐसे में यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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वाराणसी रूट की बस बंद होने से तीर्थयात्री परेशान
पिछले सात महीनों से वाराणसी रूट की बस बंद है। इससे सावन में काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। गोरखपुर के अजीत कुमार ने बताया कि गोरखपुर से सिद्धार्थनगर के लिए आसानी से बस नहीं मिलती है। इससे परिवहन निगम को भी घाटा लग रहा है।
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वर्जन
बसों की मांग की गई है। जल्द ही जिले को नई बस मिल जाएगी। वाराणसी रूट पर बस का संचालन जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अन्य रूट की बसों को गोरखपुर रूट पर भेजा जाएगा ताकि यात्रियों की परेशानी कम हो। -कैलाश कुमार, एआरएम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिपो में बसों की कमी होने से वाराणसी सहित कई रूटों पर बस नहीं चलती हैं, लेकिन अब गोरखपुर व बस्ती रूट की यात्रा भी कठिन हो जाएगी। डिपो की पांच बसों का निर्धारण समय व किलोमीटर पूरा हो चुका है। नई बसें नहीं मिलीं तो इस रूट पर भी यात्रा दुरुह हो जाएगी।
रोडवेज में वर्तमान समय में 42 बसे हैं। बसों की संख्या कम होने से वाराणसी, लोटन सहित जिले के कई क्षेत्रों में बसों का संचालन नहीं हो रहा है। इस बीच पांच और बसों का निर्धारित समय पूरा हाे चुका है। इन बसों को नीलामी के लिए भेज दिया जाएगा, जिससे लोगों की यात्रा और भी कठिन हो सकती है। जिले से लगभग सैकड़ों यात्री गोरखपुर आते-जाते हैं। लेकिन पांच बसें कम हो जाने के बाद गोरखपुर की यात्रा कठिन हो जाएगी।
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बस्ती जाने के लिए एक ही बस है, जिसका निर्धारित समय और किलोमीटर पूरा हो गया है। यह बस ऑफरोड हो जाने के बाद बस्ती के लिए आवागमन मुश्किल हो पाएगा, जबकि जनपद का मंडल होने के कारण कई लोगों का बस्ती आना जाना लगा रहता है। डिपो को नई बस नहीं मिलने से बस्ती की यात्रा मुश्किल हो जाएगी। ऐसे में यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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वाराणसी रूट की बस बंद होने से तीर्थयात्री परेशान
पिछले सात महीनों से वाराणसी रूट की बस बंद है। इससे सावन में काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। गोरखपुर के अजीत कुमार ने बताया कि गोरखपुर से सिद्धार्थनगर के लिए आसानी से बस नहीं मिलती है। इससे परिवहन निगम को भी घाटा लग रहा है।
वर्जन
बसों की मांग की गई है। जल्द ही जिले को नई बस मिल जाएगी। वाराणसी रूट पर बस का संचालन जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अन्य रूट की बसों को गोरखपुर रूट पर भेजा जाएगा ताकि यात्रियों की परेशानी कम हो। -कैलाश कुमार, एआरएम