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गोवंशीय पशुओं पर हमले से गांव में तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 09 Apr 2017 09:45 PM IST
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जांच पड़ताल करती पुलिस
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भनवापुर (सिद्धार्थनगर)। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के खंता गांव में नदी किनारे चरने गए गोवंशीय पशुओं पर शनिवार की रात अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। गर्दन और पैर के पास तेज धारदार हथियार से हमले से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वध की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फोर्स ने आसपास के इलाकों में दबिश दी, लेकिन हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने देर रात गांव पहुंचकर जख्मी पशुओं का उपचार किया। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जुड़ीकुइया गांव निवासी डॉ. संजय त्रिपाठी ने शनिवार की दोपहर अपनी गाय व भैंस को पास के खंता गांव स्थित नदी के किनारे चरने के लिए छोड़ा। शाम तक पशु वापस नहीं लौटे तो घर वालों ने खोजबीन की। मवेशियों के न मिलने पर वे निराश होकर लौट गए। रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों पशु दौड़ते और चीखते हुए घर की ओर आए। ग्रामीणों ने उन्हें देखा तो गर्दन, पेट और पैर के पास धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। पशुपालक ने वध के प्रयास की आशंका जताते हुए तत्काल इसकी सूचना 100 नंबर पर दी। डीएम और एसडीएम को भी अवगत कराया। कुछ ही देर में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। आस-पास के इलाकों में छानबीन की गई, लेकिन हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह के नेतृत्व में रात करीब 12 बजे पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम गांव में पहुंची और जख्मी पशुओं का उपचार किया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक पशुओं पर धारदार हथियार से वार हुआ था। गर्दन और पैर के पास वार से स्पष्ट हो रहा है कि वध का प्रयास किया गया था। फिलहाल इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई है। उधर, रविवार को दिन में भी पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी रही। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। प्रभारी एसओ राजेश कुमार के मुताबिक मौखिक सूचना के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। हालात पर पुलिस नजर रखे हुए है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जुड़ीकुइया गांव निवासी डॉ. संजय त्रिपाठी ने शनिवार की दोपहर अपनी गाय व भैंस को पास के खंता गांव स्थित नदी के किनारे चरने के लिए छोड़ा। शाम तक पशु वापस नहीं लौटे तो घर वालों ने खोजबीन की। मवेशियों के न मिलने पर वे निराश होकर लौट गए। रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों पशु दौड़ते और चीखते हुए घर की ओर आए। ग्रामीणों ने उन्हें देखा तो गर्दन, पेट और पैर के पास धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। पशुपालक ने वध के प्रयास की आशंका जताते हुए तत्काल इसकी सूचना 100 नंबर पर दी। डीएम और एसडीएम को भी अवगत कराया। कुछ ही देर में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। आस-पास के इलाकों में छानबीन की गई, लेकिन हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह के नेतृत्व में रात करीब 12 बजे पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम गांव में पहुंची और जख्मी पशुओं का उपचार किया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक पशुओं पर धारदार हथियार से वार हुआ था। गर्दन और पैर के पास वार से स्पष्ट हो रहा है कि वध का प्रयास किया गया था। फिलहाल इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई है। उधर, रविवार को दिन में भी पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी रही। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। प्रभारी एसओ राजेश कुमार के मुताबिक मौखिक सूचना के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। हालात पर पुलिस नजर रखे हुए है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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