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प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी, विद्यार्थी छोड़ रहे पढ़ाई
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शहर के बसडिलिया में स्थित आईटीआई कॉलेज। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी, विद्यार्थी छोड़ रहे पढ़ाई
- शिक्षकों के 95 पद स्वीकृत, 13 शिक्षकों के माध्यम से ही हो रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजकीय आईटीआई प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थी बीच सत्र में ही संस्थान छोड़ दे रहे हैं।
जिले में चार प्रशिक्षण संस्थान हैं, सभी संस्थाओं में शिक्षक और कर्मचारियों की कमी बड़ी समस्या बनी हुईं हैं। हर महीने पत्राचार के बावजूद भी इन संस्थानों की दशा नहीं सुधर रही है।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में बेहतर शिक्षण नहीं होने से प्रशिक्षुओं के कौशल विकास पर संशय है। चार प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशक (शिक्षक) के 95 पद में 13 एवं कार्यदेशक(वरिष्ठ शिक्षक) के 10 पद में तीन पद भरे हुए हैं।
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रोजगार परक प्रशिक्षण प्राप्त करने के कोशिश में छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के बजाय डिग्री ही मिल पा रही है। इस कारण छात्र-छात्राओं का मोहभंग हो रहा है। बीच सत्र में ही पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं। जिले के चारों संस्थान में 22 ट्रेड पर पर दो एवं एक वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित है।
इटवा में 22 पद के सापेक्ष दो शिक्षक
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इटवा में शिक्षकों के 22 पद हैं, जिसमें एक कार्यदेशक व एक अनुदेशक के रूप में दो शिक्षक हैं। यहां सत्र 2020-21 में 348 सीट पर 182 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। इनमें 111 ने बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ दी है। वर्तमान में 71 विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। प्रधानाचार्य सोमनाथ नावत ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विभाग को नियमित पत्र भेजा जा रहा है।
नौगढ़ में 25 पद स्वीकृत, मौजूद सिर्फ पांच
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बसडिलिया, नौगढ़ में शिक्षकों के 25 पद हैं, जिनमें पांच पद पर शिक्षक कार्यरत हैं। यहां प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। 12 ट्रेड में 514 सीट पर 296 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। इनमें 18 प्रशिक्षुओं ने बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ दी है। हाईस्कूल व कक्षा आठ पास प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण संस्थान छोड़कर फिर से इंटर की पढ़ाई शुरू की है। प्रभारी प्रधानाचार्य विपिन चौधरी ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डुमरियागंज में अनुदेशक के 13 पद रिक्त
राजकीय औद्योगिक प्रिशिक्षण, डुमरियागंज में सात ट्रेड में 159 सीट पर 151 छात्र -छात्राओं ने प्रवेश लिया था, लेकिन बीच सत्र में ही 34 ने पढ़ाई छोड़ दी। यहां अनुदेशक के 14 पद में एक ही पद भरा है, जबकि कार्यदेशक के दो पद खाली है। प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को हर माह पत्र भेजा रहा है। शिक्षकों की कमी से शिक्षण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।
बांसी में 33 के सापेक्ष सिर्फ सात शिक्षक
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांसी में 12 ट्रेड में अनुदेशक के 30 पद पर छह और कार्यदेशक के तीन पद पर एक पद ही भरा है। कुल 33 पद के सापेक्ष सिर्फ सात शिक्षक हैं। यहां सत्र 2020-21 में 536 सीटों पर प्रवेश हुआ था, जिनमें 102 सीट रिक्त हो गया है। प्रधानाचार्य मस्तराम वर्मा ने कहा कि शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी शिक्षण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। फिर भी बेहतर शिक्षा देने की कोशिश की जा रही है।
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- शिक्षकों के 95 पद स्वीकृत, 13 शिक्षकों के माध्यम से ही हो रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजकीय आईटीआई प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थी बीच सत्र में ही संस्थान छोड़ दे रहे हैं।
जिले में चार प्रशिक्षण संस्थान हैं, सभी संस्थाओं में शिक्षक और कर्मचारियों की कमी बड़ी समस्या बनी हुईं हैं। हर महीने पत्राचार के बावजूद भी इन संस्थानों की दशा नहीं सुधर रही है।
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व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में बेहतर शिक्षण नहीं होने से प्रशिक्षुओं के कौशल विकास पर संशय है। चार प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशक (शिक्षक) के 95 पद में 13 एवं कार्यदेशक(वरिष्ठ शिक्षक) के 10 पद में तीन पद भरे हुए हैं।
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रोजगार परक प्रशिक्षण प्राप्त करने के कोशिश में छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के बजाय डिग्री ही मिल पा रही है। इस कारण छात्र-छात्राओं का मोहभंग हो रहा है। बीच सत्र में ही पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं। जिले के चारों संस्थान में 22 ट्रेड पर पर दो एवं एक वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित है।
इटवा में 22 पद के सापेक्ष दो शिक्षक
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इटवा में शिक्षकों के 22 पद हैं, जिसमें एक कार्यदेशक व एक अनुदेशक के रूप में दो शिक्षक हैं। यहां सत्र 2020-21 में 348 सीट पर 182 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। इनमें 111 ने बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ दी है। वर्तमान में 71 विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। प्रधानाचार्य सोमनाथ नावत ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विभाग को नियमित पत्र भेजा जा रहा है।
नौगढ़ में 25 पद स्वीकृत, मौजूद सिर्फ पांच
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बसडिलिया, नौगढ़ में शिक्षकों के 25 पद हैं, जिनमें पांच पद पर शिक्षक कार्यरत हैं। यहां प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। 12 ट्रेड में 514 सीट पर 296 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। इनमें 18 प्रशिक्षुओं ने बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ दी है। हाईस्कूल व कक्षा आठ पास प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण संस्थान छोड़कर फिर से इंटर की पढ़ाई शुरू की है। प्रभारी प्रधानाचार्य विपिन चौधरी ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डुमरियागंज में अनुदेशक के 13 पद रिक्त
राजकीय औद्योगिक प्रिशिक्षण, डुमरियागंज में सात ट्रेड में 159 सीट पर 151 छात्र -छात्राओं ने प्रवेश लिया था, लेकिन बीच सत्र में ही 34 ने पढ़ाई छोड़ दी। यहां अनुदेशक के 14 पद में एक ही पद भरा है, जबकि कार्यदेशक के दो पद खाली है। प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को हर माह पत्र भेजा रहा है। शिक्षकों की कमी से शिक्षण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।
बांसी में 33 के सापेक्ष सिर्फ सात शिक्षक
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांसी में 12 ट्रेड में अनुदेशक के 30 पद पर छह और कार्यदेशक के तीन पद पर एक पद ही भरा है। कुल 33 पद के सापेक्ष सिर्फ सात शिक्षक हैं। यहां सत्र 2020-21 में 536 सीटों पर प्रवेश हुआ था, जिनमें 102 सीट रिक्त हो गया है। प्रधानाचार्य मस्तराम वर्मा ने कहा कि शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी शिक्षण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। फिर भी बेहतर शिक्षा देने की कोशिश की जा रही है।