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अधिकारों और तरक्की की बात करने वालों का साथ दें : मौलाना सलमान हुसैन
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अधिकारों और तरक्की की बात करने वालों का साथ दें : मौलाना सलमान हुसैन
डुमरियागंज। इस्लामिक विद्वान प्रोफेसर मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा करने वालों का मुस्लिम समुदाय के लोग सहयोग करें। आपसी भाईचारा और इंसानियत की हिमायत करने वालों के साथ वह हैं।
वह शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर डुमरियागंज आए थे। पत्रकारवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जो पार्टियां अधिकारों की बात करती हैं, उन्हीं का साथ मुसलमानों को देना चाहिए। हर बार चुनाव में मुसलमानों का इस्तेमाल कर झूठे वादों का ख्वाब दिखाया जाता है और बाद में विकास की धारा से उन्हें अलग कर दिया जाता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि परिवारवाद व बिरादरीवाद को बढ़ावा देने वाली राजनीतिक पार्टियों से हमें सावधान रहना होगा।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा वक्त में देश के हालात खराब हैं, सबका साथ सबका विकास का दावा झूठा साबित हो रहा है। मौजूदा सरकार में मुसलमान, अनुसूचित व कमजोर वर्ग के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 18 से 20 घंटे काम करने वाले लोग ही उनके साथ रहें और वह प्रदेश के चौमुखी विकास के लिए कार्य करेंगे, लेकिन यह दावा झूठा साबित हो रहा है। प्रदेश के हालात इससे विपरीत हैं।
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उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि इस महामारी में इंसानियत मर चुकी थी। इलाज के लिए लोग मारे-मारे फिर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज को बदला जा सकता है। बिकाऊ शिक्षा से दूर रहते हुए दीनी व दुनियावी शिक्षा पर जोर दिया जाए। शिक्षा का उपयोग कामयाब होने के लिए नहीं, काबिल बनने के लिए होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के रूप में सभी छोटी-बड़ी पार्टियां एक साथ आएं। इस दौरान तहफ्फुज मिल्लत फोरम मुंबई के अध्यक्ष मौलाना अजीजुल्लाह, मौलाना असशद कासमी, मौलाना एहसानुल्लाह कासमी, डॉ. आसिफ उर्फ वस्सु, अफजान फारुकी आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज। इस्लामिक विद्वान प्रोफेसर मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा करने वालों का मुस्लिम समुदाय के लोग सहयोग करें। आपसी भाईचारा और इंसानियत की हिमायत करने वालों के साथ वह हैं।
वह शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर डुमरियागंज आए थे। पत्रकारवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जो पार्टियां अधिकारों की बात करती हैं, उन्हीं का साथ मुसलमानों को देना चाहिए। हर बार चुनाव में मुसलमानों का इस्तेमाल कर झूठे वादों का ख्वाब दिखाया जाता है और बाद में विकास की धारा से उन्हें अलग कर दिया जाता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि परिवारवाद व बिरादरीवाद को बढ़ावा देने वाली राजनीतिक पार्टियों से हमें सावधान रहना होगा।
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उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा वक्त में देश के हालात खराब हैं, सबका साथ सबका विकास का दावा झूठा साबित हो रहा है। मौजूदा सरकार में मुसलमान, अनुसूचित व कमजोर वर्ग के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 18 से 20 घंटे काम करने वाले लोग ही उनके साथ रहें और वह प्रदेश के चौमुखी विकास के लिए कार्य करेंगे, लेकिन यह दावा झूठा साबित हो रहा है। प्रदेश के हालात इससे विपरीत हैं।
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उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि इस महामारी में इंसानियत मर चुकी थी। इलाज के लिए लोग मारे-मारे फिर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज को बदला जा सकता है। बिकाऊ शिक्षा से दूर रहते हुए दीनी व दुनियावी शिक्षा पर जोर दिया जाए। शिक्षा का उपयोग कामयाब होने के लिए नहीं, काबिल बनने के लिए होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के रूप में सभी छोटी-बड़ी पार्टियां एक साथ आएं। इस दौरान तहफ्फुज मिल्लत फोरम मुंबई के अध्यक्ष मौलाना अजीजुल्लाह, मौलाना असशद कासमी, मौलाना एहसानुल्लाह कासमी, डॉ. आसिफ उर्फ वस्सु, अफजान फारुकी आदि मौजूद रहे।