फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Stung by the Minister of Health of the district were

जिले की स्वास्थ्य सेवा पर खिन्न हुईं मंत्री

Sun, 28 Aug 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sun, 28 Aug 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
Stung by the Minister of Health of the district were
अनुप्रिया पटेल - फोटो : amar ujala
सिद्धार्थनगर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने वीआईपी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर चिंता जताई है। नाराजगी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि यहां सब कुछ भगवान भरोसे है। विभागीय अफसरों के साथ रेस्ट हाउस परिसर में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में वह खिन्न दिखीं। केंद्र से संचालित योजनाओं की प्रगति अनुकूल नहीं थी। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने भी स्वास्थ्य महकमे की लापरवाहियों को मंत्री के सामले खुलकर जाहिर किया।
विज्ञापन

सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मंत्री के कई सवालों का जवाब ही नहीं दे पाए। मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा के दौरान प्रभारी डॉ.पीपी राय ने जिले की प्रगति को सराहनीय बताते हुए कहा कि 14086 बच्चों का टीकाकरण कर लिया गया है। मंत्री ने जब उनसे लक्ष्य के बारे में पूछा तो वह बगले झांकने लगे। पीछे से बाबू ने हिंट दिया तब प्रभारी ने 86000 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य बताया।
विज्ञापन

हेपेटाइटिस-बी के टीकाकरण और पीएम मातृत्व योजना की तैयारियों से भी मंत्री असंतुष्ट दिखीं। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को लेकर जिले में कोई गतिविधि न होने पर आश्चर्य जताते हुए महकमे के अफसरों को कड़ी हिदायत दी। जननी सुरक्षा योजना के तहत 9800 महिलाओं के प्रसव का आंकड़ा पेश किया गया। इसमें सिर्फ 5000 प्रसूताओं को ही डाइट दिए जाने का कारण पूछा तो सीएमओ ने ठेकेदार पर दोष मढ़ दिया। सांसद जगदंबिका पाल ने एनआरएचएम की तरह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में भी बड़े घोटाले की आशंका जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

उच्च कोटि गर्भवती महिला योजना के तहत महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण 22 अस्पताल बंद होने की जानकारी दी गई। सांसद ने कहा कि यहां जननी सुरक्षा योजना ज्यादातर आशाओं के भरोसे है, मगर उन्हें भी समय पर मानदेय नहीं दिया जाता। इससे वह भी हड़ताल पर रहती हैं। उन्होंने विभाग के एक बाबू पर मानदेय भुगतान के बदले वसूली का आरोप लगाया। सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर ने जिले में चिकित्सकों की कमी का जिक्र किया।
बताया कि 163 पद हैं, जबकि तैनाती सिर्फ 53 की है। सांसद ने भी इसमें सुर मिलाते हुए कहा कि डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए कई बार राज्य सरकार से कह चुके हैं, मगर कोई ध्यान नहीं दे रहा। वीआईपी जिला होने के बाद भी यहां हालात खराब हैं। मंत्री ने इस संबंध में राज्य सरकार से वार्ता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई व्यवस्था की है। इसके तहत केंद्र से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं पर जिले में सांसद की मॉनिटरिंग रहेगी।

बिना उनकी संस्तुति के फंड नहीं दिया जाएगा। मंत्री ने विभागीय अफसरों को सख्त हिदायत दी कि वे अपना रवैया सुधार लें। केंद्र की योजनाओं को पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचाएं। बैठक में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. विजय चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed