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Siddharthnagar News: दरिंदगी के मिले पुख्ता सुबूत, जल्द तय होगी सजा

Thu, 07 Sep 2023 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Sep 2023 11:42 PM IST
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Strong evidence of cruelty found, punishment will be decided soon
- मानसिक रूप से कमजोर किशोर व बालक के साथ हुई हैवानियत के केस में पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में दाखिल किया चार्जशीट
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- फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, पुलिस करेगी पैरवी, जिससे जल्द आरोपियों को मिले सजा

- पथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में चार अगस्त को हुई थी घटना

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। पथरा थाना क्षेत्र के मंदबुद्धि के किशोर और बालक से दरिंदगी करने के मामले में जेल में बंद आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप बखूबी साबित हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 15 दिन के अंदर विवेचना पूरी करके चार्जशीट दाखिल कर दिया है। पुलिस इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट ले जाएगी ताकि उन्हें जल्द से जल्द सजा मिल सके। इस केस में चार बालिग और चार नाबालिग आरोपी हैं। विधि विशेषज्ञ का कहना है कि अगर जांच में नाबालिग की उम्र 16 वर्ष पूरी हो गई है तो जघन्य अपराध होने के कारण उसी कोर्ट में उनकी भी सुनवाई चलेगी और उसी हिसाब से सजा मिलेगा। भले ही बालिग होने तक उन्हें बाल सुधारगृह में रखा जाए। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। कारण इस मामले में अधिकांश आरोपी दूसरे समुदाय के थे।
पथरा थाना क्षेत्र एक गांव के दो अलग-अलग टोले के रहने वाले 10 वर्षीय बालक और 15 वर्षीय किशोर मानसिक रूप से कमजोर थे। गांव के चौराहे पर स्थिति एक मीट शॉप की दुकान चलाने वालों ने उनके साथ हैवानियत की। पेशाब पिलाया, नाजुक अंग में हरी मिर्ची डाल दी और पेट्रोल का इंजेक्शन लगाया था। इस मामले में आठ आरोपी सामने आए थे। जिनके खिलाफ कुकर्म, हत्या का प्रयास और पाॅक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इसमें चार बालिग और चार नाबालिग शामिल थे। नाबालिग बालसुधारगृह बस्ती में हैं। जबकि बालिग आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस इस मामले में विवेचना करके भीतर चार्जशीट को न्यायालय में दाखिल कर दिया है। आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले। इसके लिए मामले को फास्ट टै्रक कोर्ट में लेकर जाएगी। जिससे जल्दी से जल्दी तारीख पड़े और बयान दर्ज करवाकर दोषियों को सजा दिलाया जा सके।
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वीडियो वायरल होने पर सच आया था सामने

घटना के बारे में परिवार को दोनों बच्चों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। लेकिन जब वीडिया वायरल हुआ और लोगों ने उन्हें दिखाया तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि वीडियो में देखा गया कि पहले बच्चों को गाली देकर आरोपी पेशाब पिलाते हैं, फिर पेट्रोल का इंजेक्शन लगाते हैं और जब इससे उनका जी नहीं भरता है तो पेट्रोल से भरा हुआ इंजेक्शन लगा देते हैं। यह देखने के बाद हर कोई आक्रोशित हो जा रहा था। इस कृत्य पर कड़ी से कड़ी सजा देने की लोग मांग कर रहे थे।
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मिले साक्ष्य, सजा दिलाने के लिए काफी

इस कांड में पुलिस केे हाथ सबसे बड़ी कड़ी वायरल वीडियो है। इसके अलावा आरोपी मिर्ची कहां से तोड़े थे। पेट्रोल कहां से लिए और इजेंक्शन लगाने के लिए सीरिंज कहां से लिए थे, यह सब साक्ष्य मिल चुका है। इसके साथ ही वीडियो वायरल कहां से और सबसे पहले किसके मोबाइल से सूट हुआ किसने किया यह तक पुलिस की जांच में पुख्ता हो चुका है। इन बिन्दुओं पर टीम ने गहनता से जांच करके रिपोर्ट तैयार की है। जिससे आरोपी किसी भी हाल में बच न पाएं और उन्हें सजा मिले।

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वैज्ञानिक साक्ष्य ही सजा के लिए काफी

विधि विशेषज्ञ की राय है कि इस मामले में वीडियो ही सजा दिलाने के लिए काफी है। लेकिन इसकी वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट हो। इसके बाद बिना जुबानी बयान के उसी साक्ष्य के आधार पर सुनवाई में सजा मिल सकती है। इसमें पुलिस को साक्ष्य में कमजोर नहीं रहना चाहिए।

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अपराध की गंभीरता के आधार पर तय होती है सुनवाई

अगर कोई जघन्य अपराध हुआ हो और आरोपी नाबालिग हो तब भी अपराध की गंभीरता के आधार पर उसी कोर्ट में केस चलेगा, जहां बालिग आरोपियों का चलता है। यह मामला जघन्य अपराध की श्रेणी में हैं। कुकर्म वह मंदबुद्धि के बच्चों के साथ और हत्या, पाक्सो एक्ट के अलावा अन्य धारा में केस दर्ज है। इसमें नाबालिग का भी केस चल सकेगा। बसर्ते सजा मिलने के बाद उन्हें बालिग होने तक बालसुधार गृह में ही रखा जाता है। अभियोजन पक्ष मजबूती से अपने पक्ष को रखे तो दो से तीन माह के भीतर ही फास्ट टै्रक कोर्ट में आरोपियों को सजा मिल जाएगी।


संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता क्राइम, जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर

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बोले जिम्मेदार

मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के साथ से हुई घटना के मामले में विवेचना तत्काली थानाध्यक्ष ने घटना के 15 दिन के भीतर ही पूरी करके चार्जसीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। मामले की सुनवाई फास्ट टै्रक कोर्ट चलेगा, जिससे जल्द से जल्द आरोपियों को सजा मिल सके। इस मामले में पुलिस पैरवी करने का कार्य करेगी।

हरिओम कुशवाहा, थानाध्यक्ष पथरा बाजार
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