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सिद्धार्थनगर: जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में नहीं हो रहीं छह प्रकार की जांचें
Sat, 11 Feb 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Feb 2023 12:12 AM IST
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जांच के लिए सैंपल लेती स्वास्थ्य कर्मी।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में हर दिन बिना जांच के ही करीब 250 मरीज लौट रहे हैं। करीब बीस दिन से पैथोलॉजी में रिएजेंट नहीं होने से छह प्रकार की जांचें बंद हैं। इस कारण कुछ लोगों की पूरी तो कुछ लोगों की आधी जांच भी नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को जांच कराने में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
संयुक्त जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर दिन 320 से 250 सैंपल के टेस्ट लगाए जाते हैं। इनमें करीब 250 लोगों की जांच लिवर फंक्शन टेस्ट के अंतर्गत होती है। रिएजेंट समाप्त होने के कारण पहले एसजीपीटी, एसजीओटी जांच नहीं हो रही थी, जबकि अब टोटल प्रोटीन, एल्काइन फास्फेट, सीआरपी, एल्बोमीन, एचबीए 1 सी जांच नहीं हो रही है। लिवर फंक्शन टेस्ट में मात्र सिरम बिरिलुबिन की जांच ही हो पा रही है। पैथोलॉजी में लाइन लगाकर सैंपल जमा करने वाले मरीज व उनके परिजबों को निराश होना पड़ रहा है। जिन लोगों को डॉक्टर ने 4-6 प्रकार की जांचें लिखी हैं, उन लोगों को कुछ जांच के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। सेमरा हुसैन बक्श के सुनील ने कहा कि जिला अस्पताल में खून की पूरी जांच नहीं होने से परेशानी हो रही है। पैथोलॉजी में लाइन लगाने के बाद सैंपल लिया जा रहा है और पूरी जांच नहीं हो पा रही है। नेवरी के मंजीत ने बताया कि छह प्रकार की जांच में तीन जांच ही पैथोलॉजी में हो पाई। निजी पैथोलॉजी में लोगों को 200 से 400 रुपये तक शुल्क जमा करना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि रिएजेंट का आर्डर हुआ है, दो दिन के अंदर सभी जांच शुरू होने की संभावना है।
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संयुक्त जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर दिन 320 से 250 सैंपल के टेस्ट लगाए जाते हैं। इनमें करीब 250 लोगों की जांच लिवर फंक्शन टेस्ट के अंतर्गत होती है। रिएजेंट समाप्त होने के कारण पहले एसजीपीटी, एसजीओटी जांच नहीं हो रही थी, जबकि अब टोटल प्रोटीन, एल्काइन फास्फेट, सीआरपी, एल्बोमीन, एचबीए 1 सी जांच नहीं हो रही है। लिवर फंक्शन टेस्ट में मात्र सिरम बिरिलुबिन की जांच ही हो पा रही है। पैथोलॉजी में लाइन लगाकर सैंपल जमा करने वाले मरीज व उनके परिजबों को निराश होना पड़ रहा है। जिन लोगों को डॉक्टर ने 4-6 प्रकार की जांचें लिखी हैं, उन लोगों को कुछ जांच के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। सेमरा हुसैन बक्श के सुनील ने कहा कि जिला अस्पताल में खून की पूरी जांच नहीं होने से परेशानी हो रही है। पैथोलॉजी में लाइन लगाने के बाद सैंपल लिया जा रहा है और पूरी जांच नहीं हो पा रही है। नेवरी के मंजीत ने बताया कि छह प्रकार की जांच में तीन जांच ही पैथोलॉजी में हो पाई। निजी पैथोलॉजी में लोगों को 200 से 400 रुपये तक शुल्क जमा करना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि रिएजेंट का आर्डर हुआ है, दो दिन के अंदर सभी जांच शुरू होने की संभावना है।
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