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छह नए उपकेंद्रों के निर्माण से सुधरेगी बिजली आपूर्ति
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छह नए उपकेंद्रों के निर्माण से सुधरेगी बिजली आपूर्ति
- 15 करोड़ की लागत से उपकेंद्रों का होगा निर्माण
- लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में छह नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण होगा। बिजली निगम की तरफ से 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम का कहना है कि उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।
शहरी एवं ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, बिजली ट्रीपिंग और कटौती की समस्या से जुझना पड़ता है। इसके साथ ही शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं की तादाद लगातार बढ़ने से ओवरलोडिंग के कारण लोकल फॉल्ट की समस्या से भी परेशानी होती है।
इन समस्याओं से निजात देने के लिए बिजली निगम ने उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से छह उपकेंद्रों के निर्माण की सहमति मिलने के साथ ही धन आवंटित कर दिया गया है।
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अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा का कहना है कि बिजली उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली आपूर्ति में सहूलियत होगी और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
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यहां बनेंगे बिजली उपकेंद्र
जिले में शहर के बांसी स्टैंड के पास, सोहांस और शोहरतगढ़ में, डुमरियागंज में दो और बांसी में एक विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होगा। 33 केबी उपकेंद्र की लागत 2.50 से तीन करोड़ रुपये आएगी। वहीं, शोहरतगढ़ में निर्माणाधीन 133 केबी के विद्युत उपकेंद्र का कार्य पूर्ण हो चुका है, जल्द ही यह संचालित हो जाएगा। इससे आसपास के गांव के लोगों को बिजली आपूर्ति में सहूलियत होगी।
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पांच सौ गांवों के बदले जाएंगे जर्जर तार
पिछले 30 से 40 वर्ष पूर्व बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए तार पुराने व जर्जर हो गए हैं। टूटकर गिरने से हादसे के साथ ही बिजली कटौती की भी समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। अधिशासी अभियंता आरके कुशवाहा का कहना है कि बिजली निगम के प्रस्ताव पर शासन ने पांच सौ गांवों के बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से जर्जर तारों का बदला जाएगा।
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- 15 करोड़ की लागत से उपकेंद्रों का होगा निर्माण
- लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में छह नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण होगा। बिजली निगम की तरफ से 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम का कहना है कि उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।
शहरी एवं ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, बिजली ट्रीपिंग और कटौती की समस्या से जुझना पड़ता है। इसके साथ ही शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं की तादाद लगातार बढ़ने से ओवरलोडिंग के कारण लोकल फॉल्ट की समस्या से भी परेशानी होती है।
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इन समस्याओं से निजात देने के लिए बिजली निगम ने उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से छह उपकेंद्रों के निर्माण की सहमति मिलने के साथ ही धन आवंटित कर दिया गया है।
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अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा का कहना है कि बिजली उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली आपूर्ति में सहूलियत होगी और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
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यहां बनेंगे बिजली उपकेंद्र
जिले में शहर के बांसी स्टैंड के पास, सोहांस और शोहरतगढ़ में, डुमरियागंज में दो और बांसी में एक विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होगा। 33 केबी उपकेंद्र की लागत 2.50 से तीन करोड़ रुपये आएगी। वहीं, शोहरतगढ़ में निर्माणाधीन 133 केबी के विद्युत उपकेंद्र का कार्य पूर्ण हो चुका है, जल्द ही यह संचालित हो जाएगा। इससे आसपास के गांव के लोगों को बिजली आपूर्ति में सहूलियत होगी।
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पांच सौ गांवों के बदले जाएंगे जर्जर तार
पिछले 30 से 40 वर्ष पूर्व बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए तार पुराने व जर्जर हो गए हैं। टूटकर गिरने से हादसे के साथ ही बिजली कटौती की भी समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। अधिशासी अभियंता आरके कुशवाहा का कहना है कि बिजली निगम के प्रस्ताव पर शासन ने पांच सौ गांवों के बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से जर्जर तारों का बदला जाएगा।