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Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर की राम कटोरी को मिलेगी वैश्विक पहचान, एक करोड़ की बजट मंजूरी
Thu, 12 Feb 2026 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 12 Feb 2026 12:50 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले की प्रसिद्ध मिठाई राम कटोरी अब केवल बस्ती मंडल ही नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाएगी। प्रदेश सरकार की एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत इसे चयनित किया गया है। सरकार ने इसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए एक करोड़ रुपये की बजट मंजूरी दी है। इस कदम से स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और मिठाई व्यवसायियों में उत्साह का माहौल है।
राम कटोरी के जन्म की कहानी भी खास है। जिले के बर्डपुर कस्बे के मिठाई विक्रेता विनोद मोदनवाल, जो वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवक के रूप में जेल गए थे। वहीं, उन्होंने जेल में रहकर इस मिठाई की कल्पना की। उन्होंने एक ऐसी मिठाई बनाई, जो कटोरी के आकार की हो और राम नाम से जुड़ी आस्था को दर्शाए। जेल से रिहाई के बाद उन्होंने इसे साकार किया और पहली बार तैयार की।
इसके बाद राम कटोरी जल्दी ही क्षेत्र में लोकप्रिय हो गई। इसकी खासियत यह रही कि यह केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रही, बल्कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समाजों में समान रूप से पसंद की जाने लगी। यह मिठाई धार्मिक आयोजनों, पारिवारिक उत्सवों और विशेष अवसरों पर लोगों की पहली पसंद बन गई।
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विनोद बताते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद राम कटोरी की लोकप्रियता में और वृद्धि हुई। स्थानीय लोग बताते हैं कि अयोध्या आने-जाने वाले राम भक्त इस मिठाई को खास तौर पर याद करते हैं। अब वैश्विक पहचान मिलने के साथ ही यह मिठाई सिद्धार्थनगर का एक पहचान चिह्न बन जाएगी।
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राम कटोरी के जन्म की कहानी भी खास है। जिले के बर्डपुर कस्बे के मिठाई विक्रेता विनोद मोदनवाल, जो वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवक के रूप में जेल गए थे। वहीं, उन्होंने जेल में रहकर इस मिठाई की कल्पना की। उन्होंने एक ऐसी मिठाई बनाई, जो कटोरी के आकार की हो और राम नाम से जुड़ी आस्था को दर्शाए। जेल से रिहाई के बाद उन्होंने इसे साकार किया और पहली बार तैयार की।
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इसके बाद राम कटोरी जल्दी ही क्षेत्र में लोकप्रिय हो गई। इसकी खासियत यह रही कि यह केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रही, बल्कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समाजों में समान रूप से पसंद की जाने लगी। यह मिठाई धार्मिक आयोजनों, पारिवारिक उत्सवों और विशेष अवसरों पर लोगों की पहली पसंद बन गई।
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विनोद बताते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद राम कटोरी की लोकप्रियता में और वृद्धि हुई। स्थानीय लोग बताते हैं कि अयोध्या आने-जाने वाले राम भक्त इस मिठाई को खास तौर पर याद करते हैं। अब वैश्विक पहचान मिलने के साथ ही यह मिठाई सिद्धार्थनगर का एक पहचान चिह्न बन जाएगी।