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Siddharthnagar News: जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीरामचरितमानस
Mon, 12 Oct 2026 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:50 PM IST
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भनवापुर के बिजौरा में संगीतमयी श्रीराम कथा का शुभारंभ
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के बिजौरा गांव में रविवार रात संगीतमयी श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन अयोध्या से आए कथावाचक बलराम दास ने श्रीरामचरितमानस की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह सभी ग्रंथों का सार है और मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। भगवान श्रीराम का चरित्र सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उनके आदर्श मानव मात्र के कल्याण का मार्ग दिखाते हैं।
कथावाचक ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी लोगों को अपनी सनातन संस्कृति और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। श्रीरामचरितमानस की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से व्यक्ति का जीवन सफल हो सकता है। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग गुरु ही दिखाते हैं। सच्चा गुरु वही है, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाए।
इस दौरान आयोजक पप्पू अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, प्रवीण अग्रहरि, रामसागर, संदीप कौशल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के बिजौरा गांव में रविवार रात संगीतमयी श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन अयोध्या से आए कथावाचक बलराम दास ने श्रीरामचरितमानस की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह सभी ग्रंथों का सार है और मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। भगवान श्रीराम का चरित्र सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उनके आदर्श मानव मात्र के कल्याण का मार्ग दिखाते हैं।
कथावाचक ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी लोगों को अपनी सनातन संस्कृति और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। श्रीरामचरितमानस की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से व्यक्ति का जीवन सफल हो सकता है। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग गुरु ही दिखाते हैं। सच्चा गुरु वही है, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाए।
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इस दौरान आयोजक पप्पू अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, प्रवीण अग्रहरि, रामसागर, संदीप कौशल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।