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Siddharthnagar News: प्रेक्षक व डीएम की निगरानी में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच शुरू
Tue, 13 Oct 2026 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:08 AM IST
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निर्वाचन कार्यालय पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की जांच करते डीएम शिवशरणप्पा जीएन। स्रोत विज्ञ
- जिले के 2239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच शुरू
- सीसीटीवी की निगरानी में होगी जांच, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत सोमवार से जिला निर्वाचन कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू हो गई। इसमें कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट की कार्यक्षमता परखी जाएगी। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक एवं सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान नरेंद्र कुमार मीणा के साथ जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 2239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों की जांच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होगी। जांच के दौरान मशीनों में डमी निर्वाचन चिह्न अपलोड कर उनकी कार्यक्षमता परखी जाएगी। इसके बाद मशीनों का विवरण भारत निर्वाचन आयोग के ईएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जांच में खराब मिलने वाली मशीनों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में निर्माता कंपनी के पास भेजा जाएगा।
नमूना मतदान से परखी जाएगी मशीनों की कार्यक्षमता
ईवीएम की कार्यक्षमता जांचने के लिए नमूना मतदान भी कराया जाएगा। बैलेट यूनिट के 16 बटनों की जांच के लिए प्रत्येक बटन पर छह-छह मत दर्ज कर उनकी कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके अतिरिक्त एक प्रतिशत मशीनों पर 1200 मत, दो प्रतिशत मशीनों पर 1000 मत और दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 मत दर्ज कर परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीसीटीवी की जानकारी और आईपी एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस दौरान एडीएम गौरव श्रीवास्तव, एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता सिंचाई सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- सीसीटीवी की निगरानी में होगी जांच, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत सोमवार से जिला निर्वाचन कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू हो गई। इसमें कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट की कार्यक्षमता परखी जाएगी। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक एवं सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान नरेंद्र कुमार मीणा के साथ जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 2239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों की जांच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होगी। जांच के दौरान मशीनों में डमी निर्वाचन चिह्न अपलोड कर उनकी कार्यक्षमता परखी जाएगी। इसके बाद मशीनों का विवरण भारत निर्वाचन आयोग के ईएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जांच में खराब मिलने वाली मशीनों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में निर्माता कंपनी के पास भेजा जाएगा।
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नमूना मतदान से परखी जाएगी मशीनों की कार्यक्षमता
ईवीएम की कार्यक्षमता जांचने के लिए नमूना मतदान भी कराया जाएगा। बैलेट यूनिट के 16 बटनों की जांच के लिए प्रत्येक बटन पर छह-छह मत दर्ज कर उनकी कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके अतिरिक्त एक प्रतिशत मशीनों पर 1200 मत, दो प्रतिशत मशीनों पर 1000 मत और दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 मत दर्ज कर परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीसीटीवी की जानकारी और आईपी एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस दौरान एडीएम गौरव श्रीवास्तव, एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता सिंचाई सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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