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Siddharthnagar News: घर बैठे लखपति बनाने का झांसा... खाली कर रहे खाता

Mon, 06 Oct 2025 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 06 Oct 2025 12:01 AM IST
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Siddharthnagar News: The lure of making a millionaire sitting at home... emptying the account
साइबर सेल में ठगी के बारे में जानकारी देती टीम। संवाद
- टेलीग्राम और अन्य माध्यम से कारोबार के बारे में साइबर ठग महिलाओं से बना रहे नजदीकी
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- घर बैठे लखपति बनने के लालच में रजिस्ट्रेशन के नाम पर मांगते हैं शुल्क, फिर खाली करने लगते हैं खाता

- एक माह में कई महिलाएं हो चुकी है ठगी का शिकार, 25 हजार से सवा लाख रुपये तक की हुई है ठगी

सिद्धार्थनगर। अगर आप या परिवार में कोई महिला या युवा बेरोजगार हैं और उसे वर्क फ्राॅम होम के जरिये लाखों कमाने का मौका मिल रहा है तो सावधान हो जाएं। किस माध्यम से रोजगार मिल रहा है और क्या काम करना है, इसके बारे में जानकारी जरूर कर लें। ऐसा न करने पर आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। पिछले कुछ दिनों में घर बैठे लाखों कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। उनसे 25 हजार से सवा लाख रुपये तक ठगी की गई है, फिलहाल इन मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, साइबर ठग टेलीग्राम और कुछ वेबसाइट और व्हाट्सएप के जब्येए होटल आदि के प्रचार और घर बैठे पेंसिल, दवा का लिफाफा आदि बनाने का प्रलोभन दे रहे हैं। इसके बाद एक बार दो बार रुपये रिफंड कर फिर एकाएक बड़ी रकम लेकर चंपत हो जा रहे हैं। लखपति बनने का सपना लिए महिलाएं जमा पूंजी गवां बैठ रही हैं। एक माह के भीतर जिले में ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 25 हजार रुपये से लेकर सवा लाख रुपये तक लोगों के खाते से साइबर ठग उड़ा चुके हैं। इसमें सबसे गंभीर बात यह है कि इस अपराध का शिकार महिलाएंं अधिक हुई हैं। इन्होंने ठगी का शिकार होने के बाद भी परिवार को जानकारी नहीं दी, जिससे शातिर अपने मंसूबों में कामयाब हो जा रहे हैं और पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। कुछ मामलों में घर के किसी को सदस्य को बताने के बाद मामला साइबर सेल या नजदीकी थाने तक पहुंचा है, जिसमें जांच चल रही है। वहीं, साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि पहले तो किसी अनजान लिंक या प्रलोभन में न फंसें, अगर जाते हैं और ठगी का शिकार हो जा रहे हैं तो तत्काल शिकायत दर्ज करवाएं। इससे रुपये मिलने की उम्मीद बनी रहती है।
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इस प्रकार से बना रहे ठगी का शिकार
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, साइबर ठग पहले टेलीग्राम एप, फेसबुक और व्हाॅट्सएप पर एड बनाकर डालते हैं। उस पर क्लिक करते ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करवाते हैं। इसमें सबसे अधिक टेलीग्राम पर यह प्रचलन है। इसमें शातिर बाकायदा आपको को रोजगार पाने वाले रुपये कमाने का स्क्रीन शॉट भेजते हैं, जिससे सामने वालों को विश्वास हो जाता है। इसमें होटल और रेस्टोरेंट का प्रचार- प्रसार करने के लिए लगाते हैं। इसमें एक स्टार, दो स्टार और तीन स्टार इसी प्रकार से स्टार मिलने पर रुपये देते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद एक से दो हजार रुपये लेने के बाद आपके खाते में छोटी- छोटी रकम दो बार भेज देते हैं। इसके बाद खुद रुपये लगाने के लिए कहते हैं। जैसे ही पाने के चक्कर में लगाए एकाएक रुपये लेकर बैठ गए। इसी में एक पेंसिल पैकिंग, दवा का लिफाफा के बारे में उसी एप से रोगजार के बारे में आवेदन करवाते हैं। इसके बाद दो हजार, पांच हजार, 10 हजार देते रहते हैं। बड़ी पूंजी लेकर एप और फोन दोनों बंद कर देते हैं।
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ग्रुप बनाकर करते हैं मीटिंग
जबतक सामने वाले को ठग नहीं लेते हैं। तब तक ग्रुप में बकायदा मीटिंग की जा रही है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वह चैटिंग करते हैं, राेज का टारगेट और समय फिक्स किया जाता है। आपको को महसूस होगा कि एक सिस्टम का हिस्सा हैं और किसी कंपनी में काम कर रहे हैं। सबकुछ एक कंपनी की तरह से होगा। मीटिंग आदि सब ग्रुप में चैटिंग के जरिये होगी। जब पूरी तरह से अपने झांसे में ले पाए तो पूरा खाता खाली करके ग्रुप और मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं। फिर मिलाते रहें, आखिरी में पता चलेगा कि ठगी के शिकार हो चुके हैं।
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महिला से ठग लिए 86 हजार रुपये
सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला को मोबाइल सर्च करने के दौरान घर बैठे रोजगार मिलने का एड मिला। उसपर क्लिक करने के बाद रोजगार के प्रकार और कार्य के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टेलीग्राम एक लिंक पर ज्वाइन कराया गया। इसमें होटल की रेटिंग यानी प्रचार करने के लिए कहा गया। इसमें स्टार के हिसाब से रकम मिलनी था। जोड़ने के बाद दो बार में कुछ धनराशि उधर से आई। इसके बाद शेयर हाेल्डर बनाने की पेशकश की गई। उसने रुपये लगाए और 86 हजार की चपत लग गई। महिला पढ़ी लिखी है। ठगी होने के बाद शिकायत दर्ज करवाई।
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1.3 लाख रुपये गंवाए
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे का निवासी एक युवक बाहर पढ़ाई करता था। वह टेक्निकल का जानकार भी है। मौजूदा समय में घर रहता है। उसे टेलीग्राम के जरिये वर्क फ्राॅम होम में एक कंपनी की ब्रांडिंग करने के लिए ऑफर आया। नेट के जरिये उसे शेयर करने पर रुपये मिलने थे। जैसे-जैसे बताया गया वह करता रहा। दो बार में उसे छह हजार रुपये मिले। इसके बाद अच्छा काम बताकर शेयरदार बनाने की पेशकश की। उसने दो बार में 1.3 लाख रुपये लगा दिए। इसके बाद ठग रुपये लेकर ग्रुप ही बंद कर दिया। फिर उसने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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पेंसिल पैकिंग के नाम पर ठगी
बांसी कोतवाली क्षेत्र की एक महिला इंस्टाग्राम पर एक रोजगार का एड देखा। इसमें घर बैठे पेंसिल पैकिंग करना था। एड देखने के बाद उसने तरीका देखा तो आसान लगा। इसके बाद दिए गए नंबर पर कॉस्कीकिया। इसके बाद उससे बात शुरु हो गई। फिर उसे पेंसिल पैकिंग के झांसे में लिया और धीरे-धीरे करके 20 हजार रुपये उड़ा दिए। जब खाता खाली हो गया तो उसने परिवार को जानकारी दी। इस प्रकार इसी बीते माह कई लोग शिकार हुए।
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बोले जानकार
ठग टेलीग्राम ग्रुप या चैट के माध्यम से लोगों को आसान काम और जल्दी पैसे कमाने का झांसा देते हैं। पहले वे विश्वास दिलाने के लिए स्क्रीन शॉट और फर्जी कमाई के सबूत भेजते हैं, जिससे पीड़ित भरोसा कर लेते हैं। इसके बाद काम के नाम पर छोटी रकम जमा करवाकर धीरे-धीरे अधिक धनराशि की मांग की जाती है। बांसी में एक युवक और शोहरतगढ़ में एक व्यक्ति इस ठगी का शिकार हुए हैं। हालांकि, दोनों से अपेक्षाकृत कम धनराशि वसूली गई है। पुलिस और साइबर सेल ने नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी ऑनलाइन कार्य या वर्क फ्रॉम होम के लालच में आने से पहले कंपनी की वैधता अवश्य जांचें, किसी अज्ञात लिंक या चैट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक विवरण साझा न करें।

- दिलीप कुमार द्विवेदी, साइबर एक्सपर्ट, साइबर थाना सिद्धार्थनगर
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साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पहले तो प्रलोभन में न आएं। अगर ठगी का शिकार हो जा रहे हैं तो बिना देरी किए संबंधित थाने में शिकायत तत्काल दर्ज करवाएं। क्योंकि, जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, धनराशि की वापसी की उम्मीद उतनी अधिक रहती है। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन कार्य, टेलीग्राम लिंक या अज्ञात मैसेज पर विश्वास न करें और यदि कोई संदिग्ध संदेश या कॉल मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने पर संपर्क करें। वेबसाइट. www. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।
- पंकज सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना सिद्धार्थनगर
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