{"_id":"68f922376ce61b659d00abe9","slug":"siddharthnagar-news-the-audience-was-moved-by-the-drama-of-rams-exile-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-146847-2025-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: राम वन गमन की लीला देख दर्शक हुए भावविभोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: राम वन गमन की लीला देख दर्शक हुए भावविभोर
Wed, 22 Oct 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 22 Oct 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
भनवापुर के सहिजवार में चल रहे श्रीराम लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भनवापुर। क्षेत्र के सहिजवार गांव में चल रही रामलीला के चौथे दिन मंगलवार की रात कलाकारों ने राम वन गमन और राम-केवट संवाद का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला मंचन के शुरुआत में महाराजा दशरथ ने विचार किया कि राम को अयोध्या का राजा बनाया जाए। अपने मंत्री सुमंत से कहा कि राज्याभिषेक की तैयारी करो। जैसे ही यह जानकारी कैकई की दासी मंथरा को हुई तो वह कैकई का कान भरने लगी और राजा दशरथ से अपने पुराने वर मांगने के लिए कहा। वर में महारानी कैकई ने अपने बेटे भरत का राजतिलक और राम को 14 वर्ष का वनवास मांग लिया। यह सूचना जैसे ही राम को हुई वह वन जाने की तैयारी करने लगे। राजा दशरथ इस सूचना से विचलित और व्याकुल हो गए। भगवान राम अपनी पत्नी सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करने लगे। भगवान राम के वन गमन की सूचना पर राजा दशरथ फूट-फूट कर रोने लगे और पूरी अयोध्या नगरी में शोक की लहर छा गई।
विज्ञापन
रामलीला मंचन के शुरुआत में महाराजा दशरथ ने विचार किया कि राम को अयोध्या का राजा बनाया जाए। अपने मंत्री सुमंत से कहा कि राज्याभिषेक की तैयारी करो। जैसे ही यह जानकारी कैकई की दासी मंथरा को हुई तो वह कैकई का कान भरने लगी और राजा दशरथ से अपने पुराने वर मांगने के लिए कहा। वर में महारानी कैकई ने अपने बेटे भरत का राजतिलक और राम को 14 वर्ष का वनवास मांग लिया। यह सूचना जैसे ही राम को हुई वह वन जाने की तैयारी करने लगे। राजा दशरथ इस सूचना से विचलित और व्याकुल हो गए। भगवान राम अपनी पत्नी सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करने लगे। भगवान राम के वन गमन की सूचना पर राजा दशरथ फूट-फूट कर रोने लगे और पूरी अयोध्या नगरी में शोक की लहर छा गई।
विज्ञापन