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Siddharthnagar News: मूर्ति बनाने का नहीं हुआ काम सोशल मीडिया पर घमासान
Thu, 25 Sep 2025 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 25 Sep 2025 11:15 PM IST
सार
सिद्धार्थनगर के विकास भवन की बाउंड्रीवॉल से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने पर विवाद उत्पन्न हुआ। सांसद जगदंबिका पाल के नेतृत्व में धरना दिया गया, जिसे कमिश्नर की यथास्थिति की घोषणा के बाद समाप्त किया गया। सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखी गईं।
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विकास भवन बाउंड्रीवाल पर बने प्रतिमा वाले स्थान पर मलवा अभी भी पड़ा रहा। संवाद
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विस्तार
सिद्धार्थनगर। नगर के विकास भवन की बाउंड्रील पर देवी-देवताओं की बनी हुई मूर्ति तोड़कर हटाने के मामले में बृहस्पतिवार को उसी स्थल पर पूजा पाठ कर लोगों ने धूप बत्ती जलाई। मौके पर काम शुरु नहीं हुआ।
वहीं, सोशल मीडिया पर मूर्तियां तोड़ने के मामले में हुए धरना के बीच पक्ष और विपक्ष में घमासान चलता रहा। बुधवार को प्रशासन के खिलाफ सांसद की अगुवाई में धरना दिया गया था, जिसे देर शाम कमिश्नर के यथास्थिति बनाए रखने की घोषणा के बाद धरना समाप्त हो गया था।
नगर के विकास भवन की बाउंड्रीवॉल पर देवी-देवताओं की बनी हुई मूर्ति टूटने की जानकारी बुधवार सुबह हुई तो लोगों में आक्रोश फैल गया। धीरे-धीरे भीड़ जुटना शुरु हुई तो कई संगठन के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव और कुछ समय बाद सांसद जगदंबिका पाल मौके पर पहुंच गए।
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सांसद ने प्रशासन पर मनमानी और कुठराघात करने का आरोप लगाया। नवरात्रि में वह भी बिना किसी अनुमति के प्रतिमा तोड़े जाने को गलत बताया। ऐसे करने वालों पर केस दर्ज किए जाने की मांग को लेकर उसी स्थल पर धरने पर बैठ गए।
रात नौ बजे के बीच कमिश्नर बस्ती अखिलेश कुमार सिंह पहुंचे और यथास्थिति की घोषणा की, जिसके बाद सांसद जगदंबिका पाल ने धरना समाप्त किया।
बृहस्पतिवार को जब मौके पर देखा गया तो जहां प्रतिमा पर लोग पूजा लोग करते थे, वहां पर फूल और धूप बत्ती जलाई गई थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नियमित पूजा करने वालों में किसी ने पूजा की होगी। वहां की स्थिति सामान्य रही, लेकिन सोशल मीडिया पर कई प्रकार की प्रतिक्रिया और घमासान देखने को मिला।
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वहीं, सोशल मीडिया पर मूर्तियां तोड़ने के मामले में हुए धरना के बीच पक्ष और विपक्ष में घमासान चलता रहा। बुधवार को प्रशासन के खिलाफ सांसद की अगुवाई में धरना दिया गया था, जिसे देर शाम कमिश्नर के यथास्थिति बनाए रखने की घोषणा के बाद धरना समाप्त हो गया था।
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नगर के विकास भवन की बाउंड्रीवॉल पर देवी-देवताओं की बनी हुई मूर्ति टूटने की जानकारी बुधवार सुबह हुई तो लोगों में आक्रोश फैल गया। धीरे-धीरे भीड़ जुटना शुरु हुई तो कई संगठन के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव और कुछ समय बाद सांसद जगदंबिका पाल मौके पर पहुंच गए।
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सांसद ने प्रशासन पर मनमानी और कुठराघात करने का आरोप लगाया। नवरात्रि में वह भी बिना किसी अनुमति के प्रतिमा तोड़े जाने को गलत बताया। ऐसे करने वालों पर केस दर्ज किए जाने की मांग को लेकर उसी स्थल पर धरने पर बैठ गए।
रात नौ बजे के बीच कमिश्नर बस्ती अखिलेश कुमार सिंह पहुंचे और यथास्थिति की घोषणा की, जिसके बाद सांसद जगदंबिका पाल ने धरना समाप्त किया।
बृहस्पतिवार को जब मौके पर देखा गया तो जहां प्रतिमा पर लोग पूजा लोग करते थे, वहां पर फूल और धूप बत्ती जलाई गई थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नियमित पूजा करने वालों में किसी ने पूजा की होगी। वहां की स्थिति सामान्य रही, लेकिन सोशल मीडिया पर कई प्रकार की प्रतिक्रिया और घमासान देखने को मिला।