{"_id":"6837533422a5757ae0042e21","slug":"siddharthnagar-news-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-138298-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: निजी बना सकेंगे रोडवेज स्टेशन, जाम से मिलेगा निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: निजी बना सकेंगे रोडवेज स्टेशन, जाम से मिलेगा निजात
विज्ञापन
इटवा कस्बे में फुटपाथ पर खड़ी कर सवारी बिठाते रोडवेज बस। संवाद
-नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में बन सकेगा निजी रोडवेज स्टेशन
-शासन ने तंग गलियों में रोडवेज स्टेशन और आवागमन में होने वाली समस्या को देखते हुए निजी क्षेत्र में बनाने का बना दिया है नियम
-कोई भी व्यक्ति लीज पर या खुद की जमीन पर नगरीय क्षेत्र में बना सकेगा रोडवेज बस स्टेशन
-मॉडल रोडवेज स्टेशन पर कैंटीन से सारी सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र में निजी रोडवेज स्टेशन बने सकेगा। बड़े शहरों की तर्ज पर सुविधाओं से लैस निजी मॉडल रोडवेज स्टेशन बनाने की शासन ने अनुमति दी है। इसमें कोई भी व्यक्ति नगर पालिका या नगर पंचायत क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में रोडवेज स्टेशन बना सकेगा।
इसके लिए दो एकड़ जमीन सड़क के इर्द-गिर्द होनी चाहिए। जहां बस आसानी आ और जा सके। सुविधा से लैस इस रोडवेज स्टेशन पर खाने से लेकर अन्य सुविधाएं मौजूद रहेंगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी रोडवेज पर मिलने वाली सुविधाओं के लिए शुल्क तय करेगी। इससे जहां हर नगर मुख्यालय पर होने वाले जाम से निजात मिलेगी। वहीं, यात्रियों को बस पकड़ने के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए जिले में कमेटी गठित हाे गई है। आवेदन होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सरकार आवागमन को सुगम बनाने के लिए बसों की संख्या बढ़ा रही है, जिससे लोगोंं को सफर में सहूलियत मिलें, लेकिन अधिकांश रोडवेज शहर के विस्तार के बाद ऐसी जगह हो गए हैं, जहां बसों के निकलने में मशक्कत होती है। साथ ही जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आम जनता को परेशानी से गुजरना पड़ता था। इसके साथ ही स्थिति यह है कि हर तहसील मुख्यालय पर रोडवेज स्टेशन भी नहीं है। ऐसे में सरकारी हो या निजी दो बस सड़क पर खड़ी होकर सवारी भरते हैं। इससे जहां जाम लगता है, वहीं यात्रियों को दिक्कत होती है। जैसा की मौजूदा समय में इटवा, शोहरतगढ़ में हालात है। यहां रोडवेज स्टेशन न होने के कारण सड़क पर खड़े होकर वाहन का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन, अब यह समस्या जल्द ही दूर होने वाली है।
विज्ञापन
हर नगर पालिका और नगर पंचायत में रोडवेज स्टेशन बन सकेगा। क्योंकि सरकार ने निजी क्षेत्र निवेश को बढ़ावा देते हुए निजी व्यक्ति को रोडवेज स्टेशन बनाने की योजना लागू की है। इसमें प्रदेश में निजी बसों के लिए अब सभी जिलों में बस अड्डे बनेंगे। इनका निर्माण सरकारी क्षेत्र में भी हो सकेगा। नगर पालिका, नगर परिषद व निजी कंपनियां भी इसे बना सकेंगी। लेकिन, बस अड्डों पर यात्रियों के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं देनी होंगी। इस योजना के लागू होने से जिले में कई निजी रोडवेज स्टेशन बन सकेंगे, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को जाम से निजात मिलेगी। वहीं, सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी।
-- -
एक जनपद में एक व्यक्ति बना सकेगा दो बस अड्डा
आदेश के अनुसार प्रदेश भर में बस अड्डों व पार्कों की स्थापना के लिए किसी एक आवेदक को प्रदेश में 10 से अधिक, एक जिले में 2 से अधिक और एक ही मार्ग पर एक से अधिक बस अड्डा व टूरिस्ट बस पार्क स्थापित करने की अनुमति मिलेगी। निजी निवेश से स्थापना पर संचालन के लिए पहली बार 10 वर्षों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिसका आगे 10 वर्षों के लिए नवीनीकरण हो सकता है। स्वामित्व का हस्तांतरण एक वर्ष से पहले नहीं होगा।
-- -
यहां देना होगा आवेदन
बस अड्डों और पार्कों की स्थापना के लिए डीएम के यहां आवेदन करना होगा। डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट पार्क नियामक प्राधिकारी का गठन किया जाएगा। नीति के तहत बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व बस पार्क की स्थापना के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि होनी चाहिए। आवेदक की वार्षिक नेटवर्थ कम से कम 50 लाख व टर्नओवर दो करोड़ रुपये होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अथवा समूह आवेदन कर सकेगा।
-- -
टीम में यह लोग शामिल
नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष डीएम होंगे। सदस्य के रूप में एससपी, एसपी,अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के सचिव, संबंधित तहसील के एसडीएम व सीओ, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी व अध्यक्ष द्वारा नामित कोई विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
-- -
यह सुविधाएं रहेंगी
बस अड्डा तक जाने के लिए सात मीटर चौड़ी सड़क, यात्रियों को बैठने की सुविधा, महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजन के लिए अलग- अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, भोजन, जलपान के लिए कैंटीन, यात्रियों को जानकारी प्रदान करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था, अग्निशमन नियंत्रण उपाय, सीसीटीवी कैमरे से लैस परिसर, पर्याप्त जरनेटर की व्यवस्था, पूछताछ एवं बुकिंग काउंटर, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और सफाई व्यवस्था सहित अन्य जन उपयोगी सुविधाएं रहेंगी।
-- -
इन स्थानाें पर बनने से मिलेगा बढ़ा लाभ
बांसी नगर में हाईवे पर ही रोडवेज स्टेशन हैं, जहां पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे जाम लगता है। यहां शहर से बाहर बनने से काफी राहत मिल सकती है। वहीं, इटवा तहसील मुख्यालय पर रोडवेज स्टेशन बना ही नहीं है। यहां से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ आदि रूट पर बस चलती है। अब नगर पंचायत भी बन गया है। ऐसे में यह बन जाए तो राेज होने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी। डुमरियागंज में रोडवेज स्टेशन तो है, लेकिन अब वह अंदर हो गया, जिससे यात्री वहां तक जाने से कतराते हैं। जबकि कस्बे में सैकड़ों की संख्या में निजी बस लांग रूट पर चलते हैं। पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां भी निजी के संचालन की बड़ी संभावना है। इसी प्रकार शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय रोडवेज स्टेशन विहीन है। निजी हो या फिर सरकारी सड़क पर ही खड़ी होती है। ऐसे में यहां पर रोडवेज स्टेशन बने तो बड़ा लाभ हो जाएगा। इसके साथ ही भारत- नेपाल सीमा के बढ़नी नगर है, जहां बड़ी संख्या में भारत और नेपाल के यात्री आते हैं। यहां रोडवेज स्टेशन न होने के कारण जाम लगता है। अगर यहां बने तो बड़ा लाभ होगा।
-- -
बोले जिम्मेदार
निजी बस अड्डा बनाने की शासन की ओर नियम लागू किया गया है। जो नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में बन सकता है। इसमें शासन की ओर से तय किए गए मानक को पूरा करने वाला कोई भी व्यक्ति बन सकता है। दाे एकड़ जमीन के अलावा कई अन्य शर्त है, जिसे पूरा करना होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बन गई है। आवेदन के बाद आगे की प्रक्रिया शुरु होगी।
-सुरेश कुमार, एआरटीओ
विज्ञापन
-शासन ने तंग गलियों में रोडवेज स्टेशन और आवागमन में होने वाली समस्या को देखते हुए निजी क्षेत्र में बनाने का बना दिया है नियम
-कोई भी व्यक्ति लीज पर या खुद की जमीन पर नगरीय क्षेत्र में बना सकेगा रोडवेज बस स्टेशन
-मॉडल रोडवेज स्टेशन पर कैंटीन से सारी सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र में निजी रोडवेज स्टेशन बने सकेगा। बड़े शहरों की तर्ज पर सुविधाओं से लैस निजी मॉडल रोडवेज स्टेशन बनाने की शासन ने अनुमति दी है। इसमें कोई भी व्यक्ति नगर पालिका या नगर पंचायत क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में रोडवेज स्टेशन बना सकेगा।
इसके लिए दो एकड़ जमीन सड़क के इर्द-गिर्द होनी चाहिए। जहां बस आसानी आ और जा सके। सुविधा से लैस इस रोडवेज स्टेशन पर खाने से लेकर अन्य सुविधाएं मौजूद रहेंगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी रोडवेज पर मिलने वाली सुविधाओं के लिए शुल्क तय करेगी। इससे जहां हर नगर मुख्यालय पर होने वाले जाम से निजात मिलेगी। वहीं, यात्रियों को बस पकड़ने के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए जिले में कमेटी गठित हाे गई है। आवेदन होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
सरकार आवागमन को सुगम बनाने के लिए बसों की संख्या बढ़ा रही है, जिससे लोगोंं को सफर में सहूलियत मिलें, लेकिन अधिकांश रोडवेज शहर के विस्तार के बाद ऐसी जगह हो गए हैं, जहां बसों के निकलने में मशक्कत होती है। साथ ही जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आम जनता को परेशानी से गुजरना पड़ता था। इसके साथ ही स्थिति यह है कि हर तहसील मुख्यालय पर रोडवेज स्टेशन भी नहीं है। ऐसे में सरकारी हो या निजी दो बस सड़क पर खड़ी होकर सवारी भरते हैं। इससे जहां जाम लगता है, वहीं यात्रियों को दिक्कत होती है। जैसा की मौजूदा समय में इटवा, शोहरतगढ़ में हालात है। यहां रोडवेज स्टेशन न होने के कारण सड़क पर खड़े होकर वाहन का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन, अब यह समस्या जल्द ही दूर होने वाली है।
विज्ञापन
हर नगर पालिका और नगर पंचायत में रोडवेज स्टेशन बन सकेगा। क्योंकि सरकार ने निजी क्षेत्र निवेश को बढ़ावा देते हुए निजी व्यक्ति को रोडवेज स्टेशन बनाने की योजना लागू की है। इसमें प्रदेश में निजी बसों के लिए अब सभी जिलों में बस अड्डे बनेंगे। इनका निर्माण सरकारी क्षेत्र में भी हो सकेगा। नगर पालिका, नगर परिषद व निजी कंपनियां भी इसे बना सकेंगी। लेकिन, बस अड्डों पर यात्रियों के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं देनी होंगी। इस योजना के लागू होने से जिले में कई निजी रोडवेज स्टेशन बन सकेंगे, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को जाम से निजात मिलेगी। वहीं, सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी।
एक जनपद में एक व्यक्ति बना सकेगा दो बस अड्डा
आदेश के अनुसार प्रदेश भर में बस अड्डों व पार्कों की स्थापना के लिए किसी एक आवेदक को प्रदेश में 10 से अधिक, एक जिले में 2 से अधिक और एक ही मार्ग पर एक से अधिक बस अड्डा व टूरिस्ट बस पार्क स्थापित करने की अनुमति मिलेगी। निजी निवेश से स्थापना पर संचालन के लिए पहली बार 10 वर्षों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिसका आगे 10 वर्षों के लिए नवीनीकरण हो सकता है। स्वामित्व का हस्तांतरण एक वर्ष से पहले नहीं होगा।
यहां देना होगा आवेदन
बस अड्डों और पार्कों की स्थापना के लिए डीएम के यहां आवेदन करना होगा। डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट पार्क नियामक प्राधिकारी का गठन किया जाएगा। नीति के तहत बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व बस पार्क की स्थापना के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि होनी चाहिए। आवेदक की वार्षिक नेटवर्थ कम से कम 50 लाख व टर्नओवर दो करोड़ रुपये होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अथवा समूह आवेदन कर सकेगा।
टीम में यह लोग शामिल
नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष डीएम होंगे। सदस्य के रूप में एससपी, एसपी,अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के सचिव, संबंधित तहसील के एसडीएम व सीओ, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी व अध्यक्ष द्वारा नामित कोई विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
यह सुविधाएं रहेंगी
बस अड्डा तक जाने के लिए सात मीटर चौड़ी सड़क, यात्रियों को बैठने की सुविधा, महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजन के लिए अलग- अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, भोजन, जलपान के लिए कैंटीन, यात्रियों को जानकारी प्रदान करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था, अग्निशमन नियंत्रण उपाय, सीसीटीवी कैमरे से लैस परिसर, पर्याप्त जरनेटर की व्यवस्था, पूछताछ एवं बुकिंग काउंटर, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और सफाई व्यवस्था सहित अन्य जन उपयोगी सुविधाएं रहेंगी।
इन स्थानाें पर बनने से मिलेगा बढ़ा लाभ
बांसी नगर में हाईवे पर ही रोडवेज स्टेशन हैं, जहां पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे जाम लगता है। यहां शहर से बाहर बनने से काफी राहत मिल सकती है। वहीं, इटवा तहसील मुख्यालय पर रोडवेज स्टेशन बना ही नहीं है। यहां से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ आदि रूट पर बस चलती है। अब नगर पंचायत भी बन गया है। ऐसे में यह बन जाए तो राेज होने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी। डुमरियागंज में रोडवेज स्टेशन तो है, लेकिन अब वह अंदर हो गया, जिससे यात्री वहां तक जाने से कतराते हैं। जबकि कस्बे में सैकड़ों की संख्या में निजी बस लांग रूट पर चलते हैं। पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां भी निजी के संचालन की बड़ी संभावना है। इसी प्रकार शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय रोडवेज स्टेशन विहीन है। निजी हो या फिर सरकारी सड़क पर ही खड़ी होती है। ऐसे में यहां पर रोडवेज स्टेशन बने तो बड़ा लाभ हो जाएगा। इसके साथ ही भारत- नेपाल सीमा के बढ़नी नगर है, जहां बड़ी संख्या में भारत और नेपाल के यात्री आते हैं। यहां रोडवेज स्टेशन न होने के कारण जाम लगता है। अगर यहां बने तो बड़ा लाभ होगा।
बोले जिम्मेदार
निजी बस अड्डा बनाने की शासन की ओर नियम लागू किया गया है। जो नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में बन सकता है। इसमें शासन की ओर से तय किए गए मानक को पूरा करने वाला कोई भी व्यक्ति बन सकता है। दाे एकड़ जमीन के अलावा कई अन्य शर्त है, जिसे पूरा करना होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बन गई है। आवेदन के बाद आगे की प्रक्रिया शुरु होगी।
-सुरेश कुमार, एआरटीओ