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Siddharthnagar News: औरों के लिए बनीं नजीर, ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदल रहीं तकदीर
Sun, 17 Aug 2025 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Aug 2025 11:22 PM IST
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भनवापुर क्षेत्र के पिपरा पांडेय गांव निवासी ऐकता स्वंय सहायता समूह की सचिव मेनिका चौधरी का ड्रै
भनवापुर। कहते हैं अगर किसी काम को करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति व विश्वास हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। इसे साबित करके दिखाया है ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरा पांडेय के टोला मझौवा गांव निवासी 38 वर्षीय महिला मेनिका चौधरी ने।
स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर उन्होंने न सिर्फ अपनी तकदीर बदली है बल्कि महिलाओं को इससे जोड़कर वह उन्हें पैरों पर खड़ा होने में मदद कर रही हैं। पिछले एक साल से ड्रैगन की खेती कर वह बेहतर आय प्राप्त कर रही हैं।
क्षेत्र के मझौवा गांव निवासी मेनिका चौधरी के पति प्रदीप चौधरी की पहले आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कम खेती और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता सता रही थी। वर्ष 2019 में ब्लाॅक से गांव में स्वयं सहायता समूह के बैठक में बीएमएम लवकेश कुमार पहुंचे थे।
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बैठक समाप्त होने के बाद लवकेश ने स्वयं सहायता समूह बनाने और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। मेनिका चौधरी ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर हमने 10 महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह का गठन कराया, जिसमें स्वयं सचिव के पद पर सर्व सम्मति से उनकी नियुक्त हुई। दो वर्ष बाद 2021 में रोजगार को लेकर फिर बीएमएम से बात की तो उन्होंने हमें डेढ़ लाख का बैंक से ऋण दिलाया। ऋण मिलने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र सोहना से एक सप्ताह का ड्रैगन फ्रूट की खेती का प्रशिक्षण लेकर 2023 में इसे शुरू कर दिया।
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स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर उन्होंने न सिर्फ अपनी तकदीर बदली है बल्कि महिलाओं को इससे जोड़कर वह उन्हें पैरों पर खड़ा होने में मदद कर रही हैं। पिछले एक साल से ड्रैगन की खेती कर वह बेहतर आय प्राप्त कर रही हैं।
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क्षेत्र के मझौवा गांव निवासी मेनिका चौधरी के पति प्रदीप चौधरी की पहले आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कम खेती और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता सता रही थी। वर्ष 2019 में ब्लाॅक से गांव में स्वयं सहायता समूह के बैठक में बीएमएम लवकेश कुमार पहुंचे थे।
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बैठक समाप्त होने के बाद लवकेश ने स्वयं सहायता समूह बनाने और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। मेनिका चौधरी ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर हमने 10 महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह का गठन कराया, जिसमें स्वयं सचिव के पद पर सर्व सम्मति से उनकी नियुक्त हुई। दो वर्ष बाद 2021 में रोजगार को लेकर फिर बीएमएम से बात की तो उन्होंने हमें डेढ़ लाख का बैंक से ऋण दिलाया। ऋण मिलने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र सोहना से एक सप्ताह का ड्रैगन फ्रूट की खेती का प्रशिक्षण लेकर 2023 में इसे शुरू कर दिया।