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Siddharthnagar News: विजयनगर गांवपालिका में जुटे लोग, बच्चियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
Mon, 12 Oct 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:43 PM IST
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- नेपाल में दशहरा की तैयारी तेज, पारंपरिक गीतों से सजा मिलन समारोह
-विजयनगर गांव पालिका में जुटे लोग, बच्चियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
बढ़नी। सीमा से सटे नेपाल में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह दिखाई देने लगा है। नेपाल में दशहरा को दशईं के नाम से जाना जाता है। यह देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों में से एक है। पर्व को लेकर घरों में तैयारियों के साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोगों के बीच मेल-मिलाप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में कपिलवस्तु जिले की विजयनगर गांव पालिका में मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान स्थानीय बच्चियों ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। गीत-संगीत के माध्यम से नेपाली लोक संस्कृति और त्योहारों से जुड़ी परंपराओं की झलक देखने को मिली।
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नेपाल में दशईं का विशेष महत्व
नेपाल में दशईं का त्योहार परिवार और समाज को जोड़ने वाला प्रमुख पर्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से मां दुर्गा की आराधना और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। दशमी के दिन बड़ों से टीका और जमरा ग्रहण कर आशीर्वाद लेने की परंपरा है। परिवार के सदस्य दूर-दराज से अपने घर लौटते हैं और रिश्तेदारों से मिलकर खुशियां साझा करते हैं। पर्व के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत, पूजा-पाठ और पारिवारिक मिलन का विशेष महत्व रहता है। विजयनगर गांवपालिका में आयोजित कार्यक्रम भी इसी सांस्कृतिक परंपरा की एक झलक रहा। लोगों ने मां दुर्गा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
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-विजयनगर गांव पालिका में जुटे लोग, बच्चियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
बढ़नी। सीमा से सटे नेपाल में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह दिखाई देने लगा है। नेपाल में दशहरा को दशईं के नाम से जाना जाता है। यह देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों में से एक है। पर्व को लेकर घरों में तैयारियों के साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोगों के बीच मेल-मिलाप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में कपिलवस्तु जिले की विजयनगर गांव पालिका में मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान स्थानीय बच्चियों ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। गीत-संगीत के माध्यम से नेपाली लोक संस्कृति और त्योहारों से जुड़ी परंपराओं की झलक देखने को मिली।
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नेपाल में दशईं का विशेष महत्व
नेपाल में दशईं का त्योहार परिवार और समाज को जोड़ने वाला प्रमुख पर्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से मां दुर्गा की आराधना और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। दशमी के दिन बड़ों से टीका और जमरा ग्रहण कर आशीर्वाद लेने की परंपरा है। परिवार के सदस्य दूर-दराज से अपने घर लौटते हैं और रिश्तेदारों से मिलकर खुशियां साझा करते हैं। पर्व के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत, पूजा-पाठ और पारिवारिक मिलन का विशेष महत्व रहता है। विजयनगर गांवपालिका में आयोजित कार्यक्रम भी इसी सांस्कृतिक परंपरा की एक झलक रहा। लोगों ने मां दुर्गा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
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