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Siddharthnagar News: पक्का मकान होने के बाद भी ले लिया आवास
Sun, 20 Sep 2026 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:02 AM IST
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लोटन। ब्लॉक के बघेली और भरमी गांव में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चयनित दो लाभार्थियों को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दोनों के पास पहले से पक्के मकान या पक्के निर्माण मौजूद हैं, इसके बावजूद योजना के तहत उनका चयन हुआ और पहली किस्त भी जारी कर दी गई।
शिकायत मिलने के बाद बीडीओ ने दूसरी किस्त पर रोक लगाते हुए जांच शुरू कराई। शनिवार को एडीओ कृषि रवि मौर्य ने मौके का निरीक्षण किया।
गांव के राधेश्याम व अन्य की तरफ से बघेली गांव की बबिता पत्नी बलिराम के संबंध में शिकायत में कहा गया है कि उनके पास दो कमरों का पक्का मकान और बरामदा बना हुआ है। उन्हें मार्च में योजना के लिए स्वीकृति मिली और 28 अगस्त को प्रथम किस्त खाते में भेजी गई।
इसी तरह भरमी गांव के इंसान अली के संबंध में शिकायत है कि उनके पास एक पक्का कमरा और छह-सात कमरों की दीवारें बनी हुई हैं, जिन पर छत का काम बाकी है। इनके खाते में भी योजना की प्रथम किस्त भेजे जाने की बात कही गई है।
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शिकायत मिलने के बाद बीडीओ सर्वेश मोहन ने दोनों लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पर रोक लगाने के लिए संबंधित बैंक को पत्र भेजा है। बीडीओ के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि दोनों लाभार्थी योजना की पात्रता के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं और खाते से राशि निकाली जा चुकी होगी तो नियमानुसार उसकी वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि योजना के लिए किए गए सर्वेक्षण और सत्यापन के दौरान संबंधित मकानों या निर्माण की स्थिति दर्ज की गई थी या नहीं। यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और संबंधित लाभार्थी योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं या नहीं, इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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शिकायत मिलने के बाद बीडीओ ने दूसरी किस्त पर रोक लगाते हुए जांच शुरू कराई। शनिवार को एडीओ कृषि रवि मौर्य ने मौके का निरीक्षण किया।
गांव के राधेश्याम व अन्य की तरफ से बघेली गांव की बबिता पत्नी बलिराम के संबंध में शिकायत में कहा गया है कि उनके पास दो कमरों का पक्का मकान और बरामदा बना हुआ है। उन्हें मार्च में योजना के लिए स्वीकृति मिली और 28 अगस्त को प्रथम किस्त खाते में भेजी गई।
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इसी तरह भरमी गांव के इंसान अली के संबंध में शिकायत है कि उनके पास एक पक्का कमरा और छह-सात कमरों की दीवारें बनी हुई हैं, जिन पर छत का काम बाकी है। इनके खाते में भी योजना की प्रथम किस्त भेजे जाने की बात कही गई है।
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शिकायत मिलने के बाद बीडीओ सर्वेश मोहन ने दोनों लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पर रोक लगाने के लिए संबंधित बैंक को पत्र भेजा है। बीडीओ के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि दोनों लाभार्थी योजना की पात्रता के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं और खाते से राशि निकाली जा चुकी होगी तो नियमानुसार उसकी वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि योजना के लिए किए गए सर्वेक्षण और सत्यापन के दौरान संबंधित मकानों या निर्माण की स्थिति दर्ज की गई थी या नहीं। यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और संबंधित लाभार्थी योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं या नहीं, इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।