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Siddharthnagar News: नए भवन के भू-तल पर शुरू हुआ माइनर ओटी, मरीजों को मिली सहूलियत
Fri, 26 Dec 2025 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:31 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के नए भवन में स्थित माइनर ओटी। संवाद
- छठी मंजिल का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, मरीज भू-तल पर ही आसानी से करा सकेंगे इलाज
- मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों का माइनर ओटी में किया जाता हैं इलाज
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नए भवन के भूतल पर माइनर ओटी की शुरुआत कर दी गई है। इसके शुरू होने से अब मरीजों को छोटे उपचार के लिए छठी मंजिल तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और असुविधा दोनों से राहत मिलेगी।
माइनर ओटी के भूतल पर शुरू होने से अब छोटे ऑपरेशन और मामूली शल्य प्रक्रियाओं के लिए मरीजों का इलाज आसानी से यहीं किया जा सकेगा। इससे बुजुर्ग, गंभीर रोगी और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। माइनर ओटी में प्रतिदिन करीब 30 से 35 मरीजों का इलाज किया जाता है। पहले इन मरीजों को उपचार के लिए छठी मंजिल का चक्कर लगाना पड़ता था। माइनर ओटी में घावों की सिलाई, फोड़ा-फुंसी की सर्जरी, ड्रेसिंग, बायोप्सी सहित अन्य छोटे उपचार किए जा रहे हैं।
प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि मामूली समस्या को लेकर भी मरीजों को छठे तल का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब भूतल पर ओटी शिफ्ट कर दी गई है, यही सुविधा मिलेगी।
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- मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों का माइनर ओटी में किया जाता हैं इलाज
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नए भवन के भूतल पर माइनर ओटी की शुरुआत कर दी गई है। इसके शुरू होने से अब मरीजों को छोटे उपचार के लिए छठी मंजिल तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और असुविधा दोनों से राहत मिलेगी।
माइनर ओटी के भूतल पर शुरू होने से अब छोटे ऑपरेशन और मामूली शल्य प्रक्रियाओं के लिए मरीजों का इलाज आसानी से यहीं किया जा सकेगा। इससे बुजुर्ग, गंभीर रोगी और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। माइनर ओटी में प्रतिदिन करीब 30 से 35 मरीजों का इलाज किया जाता है। पहले इन मरीजों को उपचार के लिए छठी मंजिल का चक्कर लगाना पड़ता था। माइनर ओटी में घावों की सिलाई, फोड़ा-फुंसी की सर्जरी, ड्रेसिंग, बायोप्सी सहित अन्य छोटे उपचार किए जा रहे हैं।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि मामूली समस्या को लेकर भी मरीजों को छठे तल का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब भूतल पर ओटी शिफ्ट कर दी गई है, यही सुविधा मिलेगी।
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