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Siddharthnagar News: बढ़ती ठंड में सता रहा माइग्रेन...मेडिकल काॅलेज में लंबी कतार
Sun, 23 Nov 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:35 AM IST
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बैठे मरीज। संवाद
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सिद्धार्थनगर। बढ़ती ठंड के साथ अब माइग्रेन का दर्द उभरने लगा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना इलाज के लिए मरीजों की लंबी कतार लग रही है।
चिकित्सकों के अनुसार फास्ट फूड का सेवन और गर्म पानी से स्नान करने से माइग्रेन के मरीजों की तकलीफ बढ़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग की ओपीडी में वर्तमान समय में माइग्रेन के प्रतिदिन आठ से 10 मरीज आ रहे हैं। मरीजों को समस्या के अनुसार अलग-अलग डॉक्टरों की सलाह भी लेनी पड़ रही है। सबसे अधिक मरीज मानसिक रोग के ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मानसिक रोग विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. मो. अफजल ने बताया कि सर्दियों में ठंडी हवा की वजह से सिर में रक्त संचार प्रभावित होता है। धूप न मिलने से दिमाग में सेरेटोनिन केमिकल असंतुलित होता है जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ाता है। साथ ही धूप के अभाव में नसों में खिंचाव की स्थिति रहती है। सामान्य और माइग्रेन के सिर दर्द में अंतर होता है। ऐसी स्थिति में दर्द थोड़ी देर बाद कम होने लगता है, लेकिन माइग्रेन का दर्द होने पर मतली आने लगती है। उल्टी हो सकती है। प्रकाश, ध्वनि और गंध के प्रति संवेदनशीलता आती है।
पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कई बार तो अधिक गर्म पानी से नहाने पर मरीजों को माइग्रेन का दर्द उभर जा रहा है। ऐसे में मरीजों को ठंड में बचने के साथ ही उससे बचाव के लिए नियमित डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।
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अभी मौसम बीमारी के लिए अनुकूल होने से माइग्रेन के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए, धूप में बैठने से भी लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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चिकित्सकों के अनुसार फास्ट फूड का सेवन और गर्म पानी से स्नान करने से माइग्रेन के मरीजों की तकलीफ बढ़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग की ओपीडी में वर्तमान समय में माइग्रेन के प्रतिदिन आठ से 10 मरीज आ रहे हैं। मरीजों को समस्या के अनुसार अलग-अलग डॉक्टरों की सलाह भी लेनी पड़ रही है। सबसे अधिक मरीज मानसिक रोग के ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मानसिक रोग विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. मो. अफजल ने बताया कि सर्दियों में ठंडी हवा की वजह से सिर में रक्त संचार प्रभावित होता है। धूप न मिलने से दिमाग में सेरेटोनिन केमिकल असंतुलित होता है जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ाता है। साथ ही धूप के अभाव में नसों में खिंचाव की स्थिति रहती है। सामान्य और माइग्रेन के सिर दर्द में अंतर होता है। ऐसी स्थिति में दर्द थोड़ी देर बाद कम होने लगता है, लेकिन माइग्रेन का दर्द होने पर मतली आने लगती है। उल्टी हो सकती है। प्रकाश, ध्वनि और गंध के प्रति संवेदनशीलता आती है।
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पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कई बार तो अधिक गर्म पानी से नहाने पर मरीजों को माइग्रेन का दर्द उभर जा रहा है। ऐसे में मरीजों को ठंड में बचने के साथ ही उससे बचाव के लिए नियमित डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।
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अभी मौसम बीमारी के लिए अनुकूल होने से माइग्रेन के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए, धूप में बैठने से भी लोगों को काफी राहत मिलेगी।