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Siddharthnagar News: 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट तैयार
Sat, 16 Aug 2025 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 16 Aug 2025 11:20 PM IST
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मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित 20 हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : संवाद
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बना 20 हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट जल्द ही शुरू कराया जाएगा।
इससे मेडिकल कॉलेज के मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड काल में ऑक्सीजन की गंभीर कमी के अनुभव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी प्रदान की गई थी।
यह प्लांट मेडिकल कॉलेज के मरीजों के अलावा ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आपात स्थिति में अन्य जगहों पर भी तत्काल सप्लाई कर सकेगा।
वर्तमान में शहर को आवश्यकता पड़ने पर निजी कंपनियों या दूसरे शहरों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ते हैं, जिससे न केवल समय लगता है बल्कि लागत भी अधिक आती है। इस प्लांट में जल्द ही ऑक्सीजन को रखा जाएगा, जिससे ठंड के समय में सांस के मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन मिलेगी। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर इससे सिलिंडर को भी भरा जा सकता है। इससे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मेडिकल काॅलेज में वर्तमान समय में तीन भवनों में चिकित्सा सुविधा दी जाती हैं। इसमें से सभी भवनों में ऑक्सीजन के जरूरत के मरीज भर्ती भी रहते हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत रहती हैं। ऐसे में इसका संचालन होने से तत्काल ही सुविधा मिलेगी। जबकि ऑक्सीजन सप्लाई भी जरूरत के अनुसार तीव्र रहेगी। ठंड के मौसम में मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज सांस से संबंधित आते हैं। इसमें से आधे को तत्काल ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत होती है। ऐसे में सुविधा होने पर उन्हें इलाज करने में और भी सुविधा होगी।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह बनकर तैयार हैं। जल्द ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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इससे मेडिकल कॉलेज के मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड काल में ऑक्सीजन की गंभीर कमी के अनुभव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी प्रदान की गई थी।
यह प्लांट मेडिकल कॉलेज के मरीजों के अलावा ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आपात स्थिति में अन्य जगहों पर भी तत्काल सप्लाई कर सकेगा।
वर्तमान में शहर को आवश्यकता पड़ने पर निजी कंपनियों या दूसरे शहरों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ते हैं, जिससे न केवल समय लगता है बल्कि लागत भी अधिक आती है। इस प्लांट में जल्द ही ऑक्सीजन को रखा जाएगा, जिससे ठंड के समय में सांस के मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन मिलेगी। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर इससे सिलिंडर को भी भरा जा सकता है। इससे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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मेडिकल काॅलेज में वर्तमान समय में तीन भवनों में चिकित्सा सुविधा दी जाती हैं। इसमें से सभी भवनों में ऑक्सीजन के जरूरत के मरीज भर्ती भी रहते हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत रहती हैं। ऐसे में इसका संचालन होने से तत्काल ही सुविधा मिलेगी। जबकि ऑक्सीजन सप्लाई भी जरूरत के अनुसार तीव्र रहेगी। ठंड के मौसम में मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज सांस से संबंधित आते हैं। इसमें से आधे को तत्काल ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत होती है। ऐसे में सुविधा होने पर उन्हें इलाज करने में और भी सुविधा होगी।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह बनकर तैयार हैं। जल्द ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।