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Siddharthnagar News: हाइडिल तिराहा बदहाल, शहर की पहली तस्वीर खराब
Wed, 16 Sep 2026 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:16 PM IST
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- मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन, रोडवेज और सब्जी मंडी जाने का प्रमुख रास्ता
- गोरखपुर आने-जाने वाले भी गुजरते हैं, जर्जर शौचालय, सड़क पर खड़े वाहन और रात में अंधेरा
- गोल चक्कर की जगह बीच सड़क पर ट्रैफिक बैरियर
सिद्धार्थनगर। शहर के हाइडिल तिराहे पर पहुंचते ही अव्यवस्था साफ नजर आती है। सड़क किनारे खड़े वाहन, जर्जर शौचालय और जगह-जगह फैली गंदगी यहां की तस्वीर बयां करती हैं। यात्रियों के लिए बैठने की कोई सुविधा नहीं है। शाम ढलते ही तिराहे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से अंधेरा छा जाता है जबकि यही तिराहा मेडिकल कॉलेज और अशोक मार्ग को मुख्य शहर से जोड़ता है। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सब्जी मंडी और सिंहेश्वरी मंदिर जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। गोरखपुर आने-जाने वाले वाहनों का भी यहां दबाव रहता है।
शहर के रुपेश पांडेय, दीपक चौधरी, दीनानाथ आदि बताते हैं कि तिराहे के बीच पहले गोल चक्कर बना हुआ था। उस पर बड़ी स्ट्रीट लाइट भी लगी थी। सड़क निर्माण के दौरान गोल चक्कर तोड़ दिया गया। सड़क बनने के बाद भी यहां दोबारा गोल चक्कर नहीं बनाया गया। अब उसी जगह सड़क के बीच यातायात पुलिस का बैरियर लगा है। वाहनों के दबाव के बीच यह व्यवस्था कई बार असहज स्थिति पैदा करती है। खासकर शाम के समय जब शहर में आवाजाही बढ़ती है, तब तिराहे की यातायात व्यवस्था और अधिक अव्यवस्थित नजर आती है।
मनीष वर्मा बताते हैं कि सड़क की पटरी भी वाहनों की पार्किंग से घिरी रहती है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों के लिए जगह कम हो जाती है। पैदल यात्रियों को भी सड़क किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन और रोडवेज की ओर जाने वाले वाहनों के साथ गोरखपुर जाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी रास्ते पर रहता है। ऐसे में तिराहे की व्यवस्था सीधे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती है।
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- तिराहे पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई शेड या बेंच नहीं है। बाहर से आने वाले लोगों को कुछ देर रुकना हो तो दुकानों या सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है। वहीं शौचालय की हालत भी खराब है। जर्जर भवन और आसपास फैली गंदगी के कारण इसका उपयोग करना भी मुश्किल है।
- अंकुर पांडेय, नागरिक
- दिन में वाहनों की आवाजाही से तिराहा व्यस्त रहता है लेकिन रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से स्थिति बदल जाती है। तिराहे के आसपास अंधेरा रहने से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। पुराने गोल चक्कर के साथ लगी बड़ी स्ट्रीट लाइट भी अब यहां नहीं है।
- फूलचंद वर्मा, दुकानदार
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कैसा हो सुधार
- गोल चक्कर की जगह बने व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था
- तिराहे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात के अनुरूप स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
- सड़क निर्माण के दौरान हटाए गए गोल चक्कर की जगह उपयुक्त ट्रैफिक समाधान हो।
- रात में पर्याप्त रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- जर्जर शौचालय की मरम्मत कर नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
- यात्रियों के लिए शेड और बेंच लगाए जाएं।
- सड़क की पटरी से अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण हटाया जाए।
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गोल चक्कर की जगह बने व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था
- तिराहे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात विशेषज्ञों की मदद से नई व्यवस्था बनाई जाए।
- सड़क निर्माण के दौरान हटाए गए गोल चक्कर की जगह ट्रैफिक के अनुरूप स्थायी समाधान हो।
- रात में पर्याप्त रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- जर्जर शौचालय की मरम्मत कर नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
- यात्रियों के लिए बैठने को शेड और बेंच लगाए जाएं।
- सड़क की पटरी पर खड़े वाहनों और अतिक्रमण को हटाकर आवागमन सुगम किया जाए।
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- गोरखपुर आने-जाने वाले भी गुजरते हैं, जर्जर शौचालय, सड़क पर खड़े वाहन और रात में अंधेरा
- गोल चक्कर की जगह बीच सड़क पर ट्रैफिक बैरियर
सिद्धार्थनगर। शहर के हाइडिल तिराहे पर पहुंचते ही अव्यवस्था साफ नजर आती है। सड़क किनारे खड़े वाहन, जर्जर शौचालय और जगह-जगह फैली गंदगी यहां की तस्वीर बयां करती हैं। यात्रियों के लिए बैठने की कोई सुविधा नहीं है। शाम ढलते ही तिराहे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से अंधेरा छा जाता है जबकि यही तिराहा मेडिकल कॉलेज और अशोक मार्ग को मुख्य शहर से जोड़ता है। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सब्जी मंडी और सिंहेश्वरी मंदिर जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। गोरखपुर आने-जाने वाले वाहनों का भी यहां दबाव रहता है।
शहर के रुपेश पांडेय, दीपक चौधरी, दीनानाथ आदि बताते हैं कि तिराहे के बीच पहले गोल चक्कर बना हुआ था। उस पर बड़ी स्ट्रीट लाइट भी लगी थी। सड़क निर्माण के दौरान गोल चक्कर तोड़ दिया गया। सड़क बनने के बाद भी यहां दोबारा गोल चक्कर नहीं बनाया गया। अब उसी जगह सड़क के बीच यातायात पुलिस का बैरियर लगा है। वाहनों के दबाव के बीच यह व्यवस्था कई बार असहज स्थिति पैदा करती है। खासकर शाम के समय जब शहर में आवाजाही बढ़ती है, तब तिराहे की यातायात व्यवस्था और अधिक अव्यवस्थित नजर आती है।
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मनीष वर्मा बताते हैं कि सड़क की पटरी भी वाहनों की पार्किंग से घिरी रहती है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों के लिए जगह कम हो जाती है। पैदल यात्रियों को भी सड़क किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन और रोडवेज की ओर जाने वाले वाहनों के साथ गोरखपुर जाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी रास्ते पर रहता है। ऐसे में तिराहे की व्यवस्था सीधे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती है।
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- तिराहे पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई शेड या बेंच नहीं है। बाहर से आने वाले लोगों को कुछ देर रुकना हो तो दुकानों या सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है। वहीं शौचालय की हालत भी खराब है। जर्जर भवन और आसपास फैली गंदगी के कारण इसका उपयोग करना भी मुश्किल है।
- अंकुर पांडेय, नागरिक
- दिन में वाहनों की आवाजाही से तिराहा व्यस्त रहता है लेकिन रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से स्थिति बदल जाती है। तिराहे के आसपास अंधेरा रहने से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। पुराने गोल चक्कर के साथ लगी बड़ी स्ट्रीट लाइट भी अब यहां नहीं है।
- फूलचंद वर्मा, दुकानदार
कैसा हो सुधार
- गोल चक्कर की जगह बने व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था
- तिराहे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात के अनुरूप स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
- सड़क निर्माण के दौरान हटाए गए गोल चक्कर की जगह उपयुक्त ट्रैफिक समाधान हो।
- रात में पर्याप्त रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- जर्जर शौचालय की मरम्मत कर नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
- यात्रियों के लिए शेड और बेंच लगाए जाएं।
- सड़क की पटरी से अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण हटाया जाए।
गोल चक्कर की जगह बने व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था
- तिराहे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात विशेषज्ञों की मदद से नई व्यवस्था बनाई जाए।
- सड़क निर्माण के दौरान हटाए गए गोल चक्कर की जगह ट्रैफिक के अनुरूप स्थायी समाधान हो।
- रात में पर्याप्त रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- जर्जर शौचालय की मरम्मत कर नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
- यात्रियों के लिए बैठने को शेड और बेंच लगाए जाएं।
- सड़क की पटरी पर खड़े वाहनों और अतिक्रमण को हटाकर आवागमन सुगम किया जाए।