{"_id":"69580a6a5736b296180446f7","slug":"siddharthnagar-news-heard-the-problems-of-the-villagers-in-the-chaupal-assured-to-resolve-them-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-150951-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: चाैपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, निस्तारण कराने का दिया आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: चाैपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, निस्तारण कराने का दिया आश्वासन
Fri, 02 Jan 2026 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
विकास खण्ड खुनियांव के ग्राम करही खास में आयोजित चौपाल को सम्बोधित करते सीडीओ बलराम सिंह। संवाद
इटवा। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के करही खास में सीडीओ की अगुवाई में चौपाल लगाई गई। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उसका निदान कराया। इस दौरान लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई।
सीडीओ बलराम सिंह ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नए स्वरूप की जानकारी दी और कहा कि अब यह योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) के नाम से जानी जाएगी। इस नई योजना में रोजगार के 100 दिन को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता अपनाने और कौशल विकास प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे न केवल परिवार की आय बढ़ाएं बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें। युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार और स्टार्टअप अवसरों का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रोत्साहित किया कि कुटीर उद्योग जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, मुर्गी पालन या डेयरी जैसे क्षेत्रों में आप लोग आगे आए। उन्होंने सभी अधिकारियों से किसानों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र निदान करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीडीओ बलराम सिंह ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नए स्वरूप की जानकारी दी और कहा कि अब यह योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) के नाम से जानी जाएगी। इस नई योजना में रोजगार के 100 दिन को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता अपनाने और कौशल विकास प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे न केवल परिवार की आय बढ़ाएं बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें। युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार और स्टार्टअप अवसरों का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रोत्साहित किया कि कुटीर उद्योग जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, मुर्गी पालन या डेयरी जैसे क्षेत्रों में आप लोग आगे आए। उन्होंने सभी अधिकारियों से किसानों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र निदान करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन