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Siddharthnagar News: छुट्टा पशु रौंद रहे किसानों की फसल, जिम्मेदार बेखबर
Thu, 05 Feb 2026 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 05 Feb 2026 10:52 PM IST
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इटवा। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के गांवों के किसान छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। पशुओं का झुंड खेतों की ओर रुख कर ले रहे हैं और देखते ही देखते फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि गोशाला तो बनी है, लेकिन वहां न रखे जाने से किसानों की फसल नष्ट कर रहे हैं।
स्थानीय तहसील क्षेत्र के गांवों में गेहूं, सरसों की फसल में बालियां निकल चुकी हैं। इसके लिए किसान दिन रात की मेहनत करके बुवाई और सिंचाई कर इस लायक बनाया है। लेकिन, मेहनत से तैयार होने वाली यही फसल अब छुट्टा पशुओं की निवाला बन रही है। चौखड़ा निवासी किसान राकेश सिंह कहते हैं कि पूरे दिन देखभाल करने के बावजूद छुट्टा पशु रात के अंधेरे में आकर गेहूं और सरसों की फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। क्षेत्र के कलवारी निवासी किसान मेहताब कहते हैं कि पूरी रात खेतों की रखवाली करने के बाद भोर में घर लौटकर आइए।
उसके बाद यह खेतों में पहुंच जाते हैं और फसलों को बर्बाद कर देते हैं। बदलिया निवासी किसान परमात्मा कहते हैं कि फसलों को चरने से ज्यादा खेतों में इनकी धमा-चौकड़ी से नुकसान है। कई बार तो पशु किसानों पर ही टूट पड़ रहे हैं और नुकसान कर दे रहे हैं। उन्हें गोशाला में भेजने में जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं।
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इस संबंध में बीडीओ खुनियांव विजय सिंह का कहना है कि छुट्टा पशुओं के खिलाफ शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा। औराताल प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कठोलिया, तुरकौलिया, झहराव, पिपरा, मरवतिया, प्रानपुर आदि गांव में नीलगायों से फसलों को नुकसान हो रहा है। इस वर्ष बारिश न होने से धान की फसल की अच्छी पैदावार नहीं हुई है। किसानों को लागत से भी कम फसल हुई है। किसानों को उम्मीद थी धान की खराब फसल की भरपाई गेहूं से की जा सकेगी, परंतु नीलगायों के कारण गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है।
किसान अरविंद चौबे, फौजदार, अवधेश, रिंकू सिंह आदि ने बताया कि झुंड के झुंड नील गाय फसल चर लेते हैं।
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स्थानीय तहसील क्षेत्र के गांवों में गेहूं, सरसों की फसल में बालियां निकल चुकी हैं। इसके लिए किसान दिन रात की मेहनत करके बुवाई और सिंचाई कर इस लायक बनाया है। लेकिन, मेहनत से तैयार होने वाली यही फसल अब छुट्टा पशुओं की निवाला बन रही है। चौखड़ा निवासी किसान राकेश सिंह कहते हैं कि पूरे दिन देखभाल करने के बावजूद छुट्टा पशु रात के अंधेरे में आकर गेहूं और सरसों की फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। क्षेत्र के कलवारी निवासी किसान मेहताब कहते हैं कि पूरी रात खेतों की रखवाली करने के बाद भोर में घर लौटकर आइए।
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उसके बाद यह खेतों में पहुंच जाते हैं और फसलों को बर्बाद कर देते हैं। बदलिया निवासी किसान परमात्मा कहते हैं कि फसलों को चरने से ज्यादा खेतों में इनकी धमा-चौकड़ी से नुकसान है। कई बार तो पशु किसानों पर ही टूट पड़ रहे हैं और नुकसान कर दे रहे हैं। उन्हें गोशाला में भेजने में जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं।
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इस संबंध में बीडीओ खुनियांव विजय सिंह का कहना है कि छुट्टा पशुओं के खिलाफ शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा। औराताल प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कठोलिया, तुरकौलिया, झहराव, पिपरा, मरवतिया, प्रानपुर आदि गांव में नीलगायों से फसलों को नुकसान हो रहा है। इस वर्ष बारिश न होने से धान की फसल की अच्छी पैदावार नहीं हुई है। किसानों को लागत से भी कम फसल हुई है। किसानों को उम्मीद थी धान की खराब फसल की भरपाई गेहूं से की जा सकेगी, परंतु नीलगायों के कारण गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है।
किसान अरविंद चौबे, फौजदार, अवधेश, रिंकू सिंह आदि ने बताया कि झुंड के झुंड नील गाय फसल चर लेते हैं।