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Siddharthnagar News: मूड में अचानक बदलाव को हल्के में न लें
Sat, 13 Dec 2025 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Dec 2025 11:22 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सर्दियों की दस्तक के साथ ही अगर मन उदास रहने लगे, ऊर्जा कम महसूस हो और किसी काम में दिल न लगे तो इसे सामान्य थकान समझकर न टालें।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मो. अफजल के अनुसार विंटर ब्लूज या मौसमी अवसाद का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपका मूड स्विंग हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें।
उन्होंने बताया कि मौसम बदलने के साथ कई लोगों के मूड और ऊर्जा स्तर में बदलाव आना आम है। खासकर सर्दियों में जब दिन छोटे हो जाते हैं और धूप कम मिलती है, तब उदासी, सुस्ती और अकेलापन महसूस होना शुरू हो जाता है। जब ये लक्षण हल्के हों तो इसे आमतौर पर विंटर ब्लूज कहा जाता है लेकिन यदि यही समस्या हर साल एक ही मौसम में गंभीर रूप ले ले और दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगे, तो इसे मौसमी भावात्मक विकार कहा जाता है जो अवसाद का ही एक रूप है।
उन्होंने बताया कि ठंडक का शुरुआत होने से अब तक इस तरह के दो से तीन मरीज इलाज के लिए भी आए हैं।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मो. अफजल के अनुसार विंटर ब्लूज या मौसमी अवसाद का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपका मूड स्विंग हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें।
उन्होंने बताया कि मौसम बदलने के साथ कई लोगों के मूड और ऊर्जा स्तर में बदलाव आना आम है। खासकर सर्दियों में जब दिन छोटे हो जाते हैं और धूप कम मिलती है, तब उदासी, सुस्ती और अकेलापन महसूस होना शुरू हो जाता है। जब ये लक्षण हल्के हों तो इसे आमतौर पर विंटर ब्लूज कहा जाता है लेकिन यदि यही समस्या हर साल एक ही मौसम में गंभीर रूप ले ले और दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगे, तो इसे मौसमी भावात्मक विकार कहा जाता है जो अवसाद का ही एक रूप है।
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उन्होंने बताया कि ठंडक का शुरुआत होने से अब तक इस तरह के दो से तीन मरीज इलाज के लिए भी आए हैं।