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Siddharthnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Fri, 30 Jan 2026 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:31 PM IST
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सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत डुमरियागंज के वार्ड संख्या 10 महाराजा अग्रसेन नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में बृहस्पतिवार रात कथावाचक दिनेशानंद ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा के दौरान प्रस्तुत की गई आकर्षक एवं जीवंत झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
स्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु की लीलाएं इतनी अलौकिक हैं कि उनके बाल स्वरूप के दर्शन के लिए खुद भगवान शंकर भी गोकुल पधारे थे। मथुरा गमन प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक ने बताया कि जब अक्रूर भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा ले जाने आए तो ब्रज की गोपियां रथ के आगे खड़ी होकर विरह वेदना में विलाप करने लगीं। गोपियों के करुण वचनों... हे कन्हैया, जब हमें छोड़कर जाना ही था तो प्रेम क्यों किया, को सुनकर संपूर्ण पंडाल भावविह्वल हो उठा। स्वामी दिनेशानंद महाराज ने कृष्ण सुदामा मित्रता के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता में अमीरी गरीबी का कोई भेद नहीं होता। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा का सम्मान कर यह संदेश दिया कि प्रेम, आदर और विनम्रता धन-दौलत से कहीं अधिक मूल्यवान हैं।
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स्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु की लीलाएं इतनी अलौकिक हैं कि उनके बाल स्वरूप के दर्शन के लिए खुद भगवान शंकर भी गोकुल पधारे थे। मथुरा गमन प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक ने बताया कि जब अक्रूर भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा ले जाने आए तो ब्रज की गोपियां रथ के आगे खड़ी होकर विरह वेदना में विलाप करने लगीं। गोपियों के करुण वचनों... हे कन्हैया, जब हमें छोड़कर जाना ही था तो प्रेम क्यों किया, को सुनकर संपूर्ण पंडाल भावविह्वल हो उठा। स्वामी दिनेशानंद महाराज ने कृष्ण सुदामा मित्रता के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता में अमीरी गरीबी का कोई भेद नहीं होता। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा का सम्मान कर यह संदेश दिया कि प्रेम, आदर और विनम्रता धन-दौलत से कहीं अधिक मूल्यवान हैं।
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