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Siddharthnagar News: बीईओ के धमकी भरे ऑडियो की जांच कराने की मांग
Sun, 19 Oct 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:35 PM IST
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सिद्धार्थनगर। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने बीईओ इटवा प्रकरण पर जारी जांच रिपोर्ट को गलत बताते हुए शिक्षकों को धमकी देने संबंधी वायरल ऑडियो की जांच कराने की मांग की। राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय भदोखर में कार्यरत शिक्षक शौकेंद्र का वेतन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र न बनवाने के आरोप में रोका गया। वेतन रोकना ही नियम विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि उसके बाद भी शिक्षक ने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करके जमा कर दिया और स्पष्टीकरण भी दे दिया। उसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी इटवा ने वेतन जारी करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।
कहा कि पीड़ित शिक्षक व्हाट्सएप पर तथा उनसे मिलकर बार-बार वेतन के लिए अनुरोध करते रहे, लेकिन बीईओ ने आख्या नहीं भेजी। वेतन न मिलने से परिवार का भरणपोषण करने में दिक्कत आ रही थी। इस कारण बात डिप्रेशन में गुजरते हुए शिक्षक ने हानिकारक दवाइयों की ओवरडोज ले ली।
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आरोप लगाया कि जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति ने पीड़ित शिक्षक के साथ न्याय नहीं किया और दूषित रिपोर्ट देकर आरोपी बीइओ को निर्दोष करार दिया। समिति ने पीड़ित शिक्षक के बयान, व्हाट्सएप चैटिंग और मनोदशा को नजरअंदाज कर दिया।
आरोप है कि अब बीईओ शिक्षकों को धमकी दे रहे हैं। इससे शिक्षकों में भय व्याप्त हो गया है। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की कि आरोपी बीईओ से इटवा का प्रभार हटाकर पूर्व प्रकरण सहित वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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उन्होंने कहा कि उसके बाद भी शिक्षक ने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करके जमा कर दिया और स्पष्टीकरण भी दे दिया। उसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी इटवा ने वेतन जारी करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।
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कहा कि पीड़ित शिक्षक व्हाट्सएप पर तथा उनसे मिलकर बार-बार वेतन के लिए अनुरोध करते रहे, लेकिन बीईओ ने आख्या नहीं भेजी। वेतन न मिलने से परिवार का भरणपोषण करने में दिक्कत आ रही थी। इस कारण बात डिप्रेशन में गुजरते हुए शिक्षक ने हानिकारक दवाइयों की ओवरडोज ले ली।
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आरोप लगाया कि जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति ने पीड़ित शिक्षक के साथ न्याय नहीं किया और दूषित रिपोर्ट देकर आरोपी बीइओ को निर्दोष करार दिया। समिति ने पीड़ित शिक्षक के बयान, व्हाट्सएप चैटिंग और मनोदशा को नजरअंदाज कर दिया।
आरोप है कि अब बीईओ शिक्षकों को धमकी दे रहे हैं। इससे शिक्षकों में भय व्याप्त हो गया है। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की कि आरोपी बीईओ से इटवा का प्रभार हटाकर पूर्व प्रकरण सहित वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए।