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Siddharthnagar News: दशईं पर्व पर नेपाल में बढ़ी बकरों की मांग, बाजार में उमड़ी भीड़
Mon, 12 Oct 2026 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:46 PM IST
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छोटे बकरे दो से तीन हजार रुपये तक, बड़े बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक
कपिलवस्तु। नेपाल में दशईं (दशहरा) पर्व नजदीक आते ही बकरों की मांग बढ़ गई है। सुनसरी जिले के इनरुवा वार्ड नंबर तीन में लगने वाले सोमवार के बाजार में बकरे खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दशईं के तहत घटस्थापना के अगले दिन सोमवार को जिले की अलग-अलग नगरपालिकाओं से लोग बकरे खरीदने बाजार पहुंचे।
नेपाल में दशईं पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ कई स्थानों पर देवी-देवताओं को बकरे की बलि देने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु देवी मां को बलि अर्पित कर मन्नत मांगते हैं। पर्व को देखते हुए बाजारों में बकरों की मांग बढ़ गई है।
इनरुवा के सोमवार बाजार में बिक्री के लिए बड़ी संख्या में बकरे लाए गए। यहां छोटे बकरों की कीमत दो से तीन हजार रुपये तक, जबकि बड़े बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक बताई गई। सुबह से ही बाजार में खरीदारों की भीड़ जुटने लगी। लोग दशईं पर्व की तैयारियों के लिए बकरे खरीदते नजर आए।
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महाअष्टमी और महानवमी पर बलि की परंपरा
नेपाल में दशईं पर्व के दौरान महाअष्टमी और महानवमी के दिन नवदुर्गा भवानी को बकरे की बलि देने की धार्मिक परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई परिवार इस परंपरा का पालन करते हैं। पर्व के दौरान परिवार के सदस्य एक साथ मिलकर तैयारियां करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मनाते हैं। इसी कारण दशईं के समय नेपाल के विभिन्न बाजारों में बकरों की खरीदारी बढ़ जाती है।
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कपिलवस्तु। नेपाल में दशईं (दशहरा) पर्व नजदीक आते ही बकरों की मांग बढ़ गई है। सुनसरी जिले के इनरुवा वार्ड नंबर तीन में लगने वाले सोमवार के बाजार में बकरे खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दशईं के तहत घटस्थापना के अगले दिन सोमवार को जिले की अलग-अलग नगरपालिकाओं से लोग बकरे खरीदने बाजार पहुंचे।
नेपाल में दशईं पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ कई स्थानों पर देवी-देवताओं को बकरे की बलि देने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु देवी मां को बलि अर्पित कर मन्नत मांगते हैं। पर्व को देखते हुए बाजारों में बकरों की मांग बढ़ गई है।
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इनरुवा के सोमवार बाजार में बिक्री के लिए बड़ी संख्या में बकरे लाए गए। यहां छोटे बकरों की कीमत दो से तीन हजार रुपये तक, जबकि बड़े बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक बताई गई। सुबह से ही बाजार में खरीदारों की भीड़ जुटने लगी। लोग दशईं पर्व की तैयारियों के लिए बकरे खरीदते नजर आए।
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महाअष्टमी और महानवमी पर बलि की परंपरा
नेपाल में दशईं पर्व के दौरान महाअष्टमी और महानवमी के दिन नवदुर्गा भवानी को बकरे की बलि देने की धार्मिक परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई परिवार इस परंपरा का पालन करते हैं। पर्व के दौरान परिवार के सदस्य एक साथ मिलकर तैयारियां करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मनाते हैं। इसी कारण दशईं के समय नेपाल के विभिन्न बाजारों में बकरों की खरीदारी बढ़ जाती है।