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Siddharthnagar News: परस्पर प्रतिस्पर्धा से समावेशी विकास पर रहा मुख्यमंत्री का जोर
Wed, 28 Jan 2026 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:38 PM IST
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सिद्धार्थनगर। इस बार मुख्यमंत्री का संबोधन विकास के पारंपरिक विमर्श से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दिया। उनके भाषण का केंद्र बिंदु परस्पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रहा। एक ऐसी अवधारणा, जो प्रशासनिक तंत्र को निष्क्रियता से बाहर निकालने की क्षमता रखती है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और नगर निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की बात कहकर यह संकेत दिया कि विकास अब केवल ऊपर से थोपे गए निर्देशों से नहीं चलेगा। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने की उनकी सोच स्थानीय इकाइयों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती है। यह मॉडल आदेश आधारित शासन से हटकर प्रेरणा आधारित शासन की ओर इशारा करता है।
महिला उद्यमिता, मनरेगा, मत्स्य पालन और काला नमक जैसे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग का उल्लेख यह दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का भी माध्यम बन सकती है। जब जिले और पंचायतें नवाचार के जरिए बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगी, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
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हालांकि, यह भी आवश्यक है कि प्रतिस्पर्धा के मानदंड पारदर्शी और निष्पक्ष हों। सम्मान और प्रोत्साहन तभी प्रभावी होंगे जब उनके साथ जवाबदेही भी जुड़ी हो।
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मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और नगर निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की बात कहकर यह संकेत दिया कि विकास अब केवल ऊपर से थोपे गए निर्देशों से नहीं चलेगा। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने की उनकी सोच स्थानीय इकाइयों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती है। यह मॉडल आदेश आधारित शासन से हटकर प्रेरणा आधारित शासन की ओर इशारा करता है।
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महिला उद्यमिता, मनरेगा, मत्स्य पालन और काला नमक जैसे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग का उल्लेख यह दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का भी माध्यम बन सकती है। जब जिले और पंचायतें नवाचार के जरिए बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगी, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
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हालांकि, यह भी आवश्यक है कि प्रतिस्पर्धा के मानदंड पारदर्शी और निष्पक्ष हों। सम्मान और प्रोत्साहन तभी प्रभावी होंगे जब उनके साथ जवाबदेही भी जुड़ी हो।