फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News: Bansi hospital becomes referral center, no benefits available

Siddharthnagar News: रेफरल सेंटर बना बांसी का अस्पताल, नहीं मिल रहा लाभ

Wed, 07 Jan 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 07 Jan 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News: Bansi hospital becomes referral center, no benefits available
पचास शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय बांसी। संवाद - फोटो : 1
- 50 बेड के मिनी जिला अस्पताल में हल्की बीमारी में भी रेफर कर दिए जाते हैं मरीज
विज्ञापन

बांसी। पचास शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय बांसी को शुरू हुए लगभग एक वर्ष हो गया, लेकिन अब भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने और एक्सरे सहित कई जांच की सुविधा शुरू न हो पाने से लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी जिला समेत अन्य जगहों के लिए रेफर दिया जा रहा है।
बांसी में पचास शैय्यायुक्त संयुक्त चिकित्सालय बनने से बांसी के साथ इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के लोगों को यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद थी। मगर चिकित्सा विशेषज्ञों ऑर्थोपेडिक सर्जन, फिजिशियन एमडी, पुरुष निश्चेतक, महिला निश्चेतक, परामर्शदात्री अधीक्षिका, महिला ऑब्स और गायनो, पैथालॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, चिकित्सा सहायकों, स्टाफ नर्सेज आदि सृजित पदों के साथ-साथ गायब जीवनदायनी चिकित्सा उपकरणों सेंसर युक्त स्क्रीन, अल्ट्रा सोनोग्राफी का प्रिंटर, एक्सरे मशीन के कई महत्वपूर्ण पुर्जे आदि न होने से चिकित्सालय में आने वाले मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। मरीज के परिजन निजी संस्थानों का सहारा लेकर शोषण का शिकार होने पर मजबूर हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के बरगदवा चौबे गांव निवासी छह वर्षीय काव्या छत से गिर गई थी। उसके माथे पर काफी चोटें आईं। उसे इमरजेंसी में लाया गया। चिकित्सक ने बच्ची का प्राथमिक इलाज कर सीटी स्कैन के लिए मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। प्रतिदिन काफी संख्या में ऐसे मरीज आते है, जिन्हें एक्सरे जांच की आवश्यकता होती है जो बाहर निजी सेंटरों में जाकर एक्सरे कराते हैं। यही नहीं रोज संख्या में दुर्घटनाग्रस्त मरीज अस्पताल में आते हैं, जिनके शरीर की हड्डी टूटी रहती है। हड्डी के डाॅक्टर अस्पताल में न होने के कारण मरीजों को मेडिकल काॅलेज सिद्धार्थनगर रेफर करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आदर्श व्यापार मंडल बांसी के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल का कहना है कि जुलाई माह से अब तक तीन पत्र रिक्त तथा अनुपस्थित पदों को भरने, गायब और अनुपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति व व्यवस्था करने के संबंध में जिलाधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि उनके पत्र को संज्ञान में लेते हुए एक अगस्त तत्कालीन जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को एक सप्ताह का समय देते हुए जांचकर आपेक्षित कार्यवाही के लिए आदेशित किया था, लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी रिक्त पदों को भरने, गायब व अनुपलब्ध जीवनोपयोगी चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है।


---------

पद के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों और रिक्त पदों पर तैनाती किए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। काफी दिनों से एक्सरे पड़ा था, इसलिए इसका कुछ सामान खराब हो गया है। इसे कंपनी ने इंस्टाॅल कर दिया है, जल्द एक्सरे की सुविधा शुरू हो जाएगी।

- डॉ. उजैर अतहर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed