{"_id":"68f139675e3feeea4908a8d5","slug":"siddharthnagar-news-148-pregnant-women-examined-19-found-to-have-high-risk-symptoms-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1002-146627-2025-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: 148 गर्भवतियों की जांच, 19 में उच्च जोखिम के लक्षण मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: 148 गर्भवतियों की जांच, 19 में उच्च जोखिम के लक्षण मिले
Thu, 16 Oct 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 148 गर्भवतियों को चिकित्सीय परामर्श दिया गया। इसमें से 19 गर्भवतियों में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए,14 गर्भवतियों में खून की कमी होने के कारण आयरन शुक्रोज की डोज दी गई।
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त चाप, मधुमेह, फीटस के बड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा के विकृत और नीचे होने से गर्भवतियों में जान का खतरा बना रहता है। गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी तथा चिकित्सीय परामर्श व इलाज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण की पहचान जरूरी है।
विज्ञापन
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त चाप, मधुमेह, फीटस के बड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा के विकृत और नीचे होने से गर्भवतियों में जान का खतरा बना रहता है। गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी तथा चिकित्सीय परामर्श व इलाज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण की पहचान जरूरी है।
विज्ञापन