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45 करोड़ रुपये की लागत से 670 गांव के बदले जाने हैं जर्जर तार

Tue, 12 Jan 2021 10:14 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2021 10:14 PM IST
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Shallow electric wires will be replaced for 671 villages at a cost of 45 crores
संभावित खास खबर
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45 करोड़ की लागत से 671 गांवों के बदले जाएंगे जर्जर विद्युत तार
एक हजार से अधिक आबादी वाले मजरों को चिह्नित किया गया
30 वर्ष से अधिक पुराने तारों की जगह लगेंगे एबीसी केबल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कई दशक से जिन गांवों में जर्जर तार के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही थी उन गांवों के तार जल्द ही बदले जाएंगे। बिजली निगम की तरफ से जिले की 671 गांवों तक जाने वाले पुराने तारों की जगह 45 करोड़ रुपये की लागत से नए एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) तार लगाएगा।
जिले के सभी 2378 आबाद गांवों में कई गांव ऐसे हैं जहां पर 30 से 40 वर्ष पहले विद्युतीकरण हुआ था। ऐसे गांवों तक जाने वाले तार के जर्जर होने के कारण आए दिन टूटकर गिरने से दुर्घटना होती है। आठ वर्ष पूर्व शहर के सिद्धार्थ तिराहे के पास तार टूटकर गिरने से हुए हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में बिजली तार टूटकर गिरने से हुए हादसों में कई लोगों के झुलसने और कई पशुओं की मौत होने की घटनाएं हो चुकी हैं। विद्युत वितरण निगम ने जर्जर तार बदलने की योजना के तहत प्रथम चरण में जिले के एक हजार से अधिक आबादी वाले 671 गांवों को चिह्नित किया है। बिजली निगम की तरफ से इन गांवों के तार बदलने की निविदा एके इंफ्रा कंपनी को दी गई है। अधीक्षण अभियंता बिजली एके श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों के जर्जर तार बदलने संबंधी कार्य संबंधित कंपनी को आवंटित कर दी गई है, जल्द ही काम शुरू हो जाएगा और इसे एक वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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बस्ती, संतकबीरनगर में भी होंगे काम
जिले के 671 गांवों के साथ बस्ती और संतकबीरनगर जिले के 1117 गांवों के जर्जर बिजली तार बदले जाएंगे। पूरे बस्ती मंडल में गांवों के बिजली तार बदलने के लिए एके इंफ्रा कंपनी को कार्य आवंटित कर दिया गया है। इन गांवों के जर्जर तार बदलने का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। प्रत्येक गांव के तार बदलने की लागत तीन से चार लाख रुपये तक होगी।
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तार ढीले होने से हुई थी एक की मौत
बांसी कस्बे में चार वर्ष पूर्व जर्जर बिजली तार ढीले होकर लटकने से ट्रक के पीछे सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इससे स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बिजली कर्मियों का घेराव भी किया गया था। इसके बाद वहां बिजली के जर्जर तार दुरुस्त किए गए थे। शोहरतगढ़ क्षेत्र के एक गांव में दो वर्ष पूर्व जर्जर बिजली तार टूटकर खेत में गिरने से तीन पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। यहां भी ग्रामीणों ने हंगामा किया था।

इन गांवों के बिजली तार हो चुके जर्जर
जिले के उसका ब्लॉक क्षेत्र के महुलानी, चोरई, तिघरा, चुरिहारी, कुआहाटा, मदनपुर, मधवापुर, सजनी, हरैया, धुमधुमवा, महदेवा आदि गांवों तक जाने वाले बिजली तार बेहद जर्जर हो चुके हैं। इसी के साथ जोगिया ब्लॉक दोआब क्षेत्र के गांव फत्तेपुर, हरनी, टड़िया, इटौवा, रीवा नानकार, बैरवां नानकार, बंगरा, करौंदा मसिना, सिसवा बुजुर्ग आदि गांवों तक तार जर्जर हो चुके है। इसके साथ ही नौगढ़, लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज, इटवा, मिठवल और खेसरहा आदि ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव तक जर्जर तार से बिजली जा रही है।
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