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रेफर हो रहे गंभीर मरीज, नहीं शुरू हो पाई ब्लड कंपोनेंट यूनिट

Fri, 16 Sep 2022 12:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 12:21 AM IST
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Serious patients being referred, blood component unit could not be started
ब्लड बैंक के भवन में बारिश में हो रहा है रिसाव। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
रेफर हो रहे गंभीर मरीज, नहीं शुरू हो पाई ब्लड कंपोनेंट यूनिट
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चार माह बाद भी हैंडओवर नहीं हुआ भवन, मशीनें भी पूरी नहीं आईं
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट यूनिट अब तक शुरू नहीं हो पाई है। क्योंकि चार माह बाद भी कार्यदायी संस्था ने भवन को हैंडओवर नहीं किया है। मशीनें भी पूरी नहीं आई हैं। लिहाजा गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।
चार माह पहले ब्लड बैंक के गेट को चौड़ा और मजबूत करने सहित अन्य कार्य के लिए अधिकारियों ने निर्देश दिए थे, लेकिन कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पहले दो मशीनें आई थीं। दो सप्ताह के अंदर चार और मशीनें आ गई हैं। ब्लड बैंक कंपोनेंट यूनिट चालू नहीं होने से अत्यधिक जोखिम पूूर्ण प्रसव, गंभीर रूप से बीमार बच्चे एवं अन्य गंभीर मरीजों को रेफर करने की नौबत आ रही है।
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ब्लड कंपोनेंट यूनिट शुरू होने पर रक्त से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी एवं क्रायोप्रेसिपिटेट को अलग किया जाता है। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में रक्त के जिस तत्व की आवश्यकता होती है, उसे ही चढ़ाया जाता है। संयुक्त जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 12 से 15 सौ मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि वार्डों में करीब 150 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। क्योंकि गंभीर स्थिति में मरीज होने पर रक्त के संबंधित तत्व की तलाश करने के दौरान मरीज की तबीयत बिगड़ सकती है।
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पहली बारिश में ही शुरू हुआ रिसाव
ब्लड बैंक की पुराने और कंपोनेंट यूनिट के लिए बनाए गए भवन को जहां से जोड़ा गया है, वहां से रिसाव हो रहा है। पहली बारिश में ही रिसाव तेज हुआ तो डॉक्टरों ने कार्यदायी संस्था को मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। यह यूनिट पूरी तरह वातानुकूलित होगी।

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कोट
ब्लड कंपोंनेंट यूनिट को शुरू करने की प्रक्रिया तेज की गई है। भवन को कार्यदायी संस्था को मानक के अनुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकतर मशीनें आ गई हैं। 15 दिन के अंदर कंपोनेंट यूनिट शुरू करने का लक्ष्य है।
डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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