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शुरू हुई नगर पालिका की स्वच्छता रैंकिंग
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:57 PM IST
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ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। अगर चाहते हों कि देश के सबसे गंदे शहरों में सिद्धार्थनगर का नाम न हो तो अब सचेत हो जाइए। नगर पालिका की स्वच्छता रैङ्क्षकग शुरू हो गई है। साफ-सफाई, कूड़ा उठान और निस्तारण व्यवस्था में नगर पालिका कितनी बेहतर है, इस बारे में दिल्ली से आने वाली टीम सर्वे करेगी। जनता से सिर्फ फीडबैक ही नहीं लेगी, मौके पर जाकर सत्यापन भी करेगी। कूड़ा-कचरा घरों के बाहर फेंका जा रहा है या डस्टबिन में, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति कितनी बेहतर है और सफाई कर्मचारी कितनी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं... इन सब बिंदुओं पर टीम पड़ताल करेगी। नगर पालिका को अव्वल रखने के लिए पालिका प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। अब गेंद जनता के पाले में है।
केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश के सभी निकायों की रैकिंग की जा रही है।
इसके लिए सर्वे को आधार बनाया गया है। दिल्ली की संस्था %कार्वी’ की टीम हर निकाय में जाकर लोगों से संपर्क साध रही है। उन्हें सवाल पूछ रही है और मौके पर जाकर सत्यापन भी कर रही है। लोगों के जवाब के आधार पर ही निकाय क्षेत्र की रैंकिंग तय की जाएगी। सर्वे की यह प्रक्रिया 4 जनवरी से शुरू हो गई है। इसकी अंतिम तिथि 10 मार्च है। इस अवधि में टीम कभी भी नगर पालिका क्षेत्र में आकर सर्वे शुरू कर सकती है। नगर पालिका सिद्धार्थनगर को सर्वेक्षण में अव्वल रखने के लिए पालिका प्रशासन ने जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। कार्यालय से लगायत नगरीय क्षेत्र में आने वाले हर मोहल्लों में स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। वार्ड सभासदों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर सर्वेक्षण के दौरान सकारात्मक जवाब के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि रैंकिंग के आधार पर ही आगामी वर्षों में नगर पालिका का बजट भी तय होगा। अच्छी रैंकिंग वालों का बजट बढ़ेगा, जबकि खराब रैंकिंग वाले शहर की लानत-मलानत के साथ बजट में भी कटौती होगी। जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी संभव है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए टीम जल्द ही जिले में आने वाली है। रैंकिंग में शहर को अव्वल रखने के लिए हरसंभव प्रयास जारी है। लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है।
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केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश के सभी निकायों की रैकिंग की जा रही है।
इसके लिए सर्वे को आधार बनाया गया है। दिल्ली की संस्था %कार्वी’ की टीम हर निकाय में जाकर लोगों से संपर्क साध रही है। उन्हें सवाल पूछ रही है और मौके पर जाकर सत्यापन भी कर रही है। लोगों के जवाब के आधार पर ही निकाय क्षेत्र की रैंकिंग तय की जाएगी। सर्वे की यह प्रक्रिया 4 जनवरी से शुरू हो गई है। इसकी अंतिम तिथि 10 मार्च है। इस अवधि में टीम कभी भी नगर पालिका क्षेत्र में आकर सर्वे शुरू कर सकती है। नगर पालिका सिद्धार्थनगर को सर्वेक्षण में अव्वल रखने के लिए पालिका प्रशासन ने जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। कार्यालय से लगायत नगरीय क्षेत्र में आने वाले हर मोहल्लों में स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। वार्ड सभासदों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर सर्वेक्षण के दौरान सकारात्मक जवाब के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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माना जा रहा है कि रैंकिंग के आधार पर ही आगामी वर्षों में नगर पालिका का बजट भी तय होगा। अच्छी रैंकिंग वालों का बजट बढ़ेगा, जबकि खराब रैंकिंग वाले शहर की लानत-मलानत के साथ बजट में भी कटौती होगी। जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी संभव है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए टीम जल्द ही जिले में आने वाली है। रैंकिंग में शहर को अव्वल रखने के लिए हरसंभव प्रयास जारी है। लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है।
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