{"_id":"65bffa5ce68a2e01d00f5891","slug":"roadways-service-closed-passengers-forced-to-pay-higher-fare-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-112364-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: रोडवेज सेवा बंद, अधिक किराया देने को मजबूर हैं यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: रोडवेज सेवा बंद, अधिक किराया देने को मजबूर हैं यात्री
Mon, 05 Feb 2024 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 05 Feb 2024 02:28 AM IST
विज्ञापन
सकारपार। बांसी-तहसील मुख्यालय से धानी जाने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों की सुविधा नहीं है। परिवहन का कोई दूसरा विकल्प न होने से निजी बस एवं ऑटो संचालक मनमानी किराया वसूल रहे हैं। अधिक किराया देकर यात्रा करना लोगों को मजबूरी बन गई है। लेकिन जिम्मेदार समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बांसी से धानी की दूरी 30 किलोमीटर है। सात वर्ष पूर्व पेड़ारी से नौगढ़ और कानपुर के लिए रोडवेज चलती थी। तब यात्रियों को सहूलियत थी। अब यह सेवा बंद हो गयी है। इटवा, डुमरियागंज से निकलकर बांसी के रास्ते बड़ी संख्या में आमजन के अलावा व्यापारी रोजगार के लिए गोरखपुर आते-जाते हैं। इस मार्ग पर रोडवेज बस न होने की वजह से निजी वाहनों का सहारा लेते हैं। स्थिति यह है कि यात्रियों ने बताया कि 30 किलोमीटर का किराया 60 से 70 रुपया वसूला जा रहा है।
30 किलोमीटर की यात्रा में बार-बार उतरना बैठना नहीं पड़ता था। क्षेत्र के सूर्यनाथ त्रिपाठी, जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, बृजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश गुप्ता, राम प्रकाश गुप्ता, जग्गू प्रसाद, हरी नारायण सिंह, राम कुमार, राम गोपाल आदि ने जल्द रोडवेज बस चलवाने की मांग की है। इस संबंध में एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया कि रूट का सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद बस संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन
यह है मुख्य चौराहा, जहां से निकलते हैं यात्री
बांसी से चलकर धानी की ओर पडऩे वाले मुख्य चौराहा तिवारीपुर, पटखौली, अदिलापुर, गोहर, सेमरा, लमुही, गोनहा ताल, सिसहनिया, बिशुनपुर मुस्तहकम, नेवटवा, सेमरा मुस्तहकम, सकारपार, कोटिया पांडेय, छितौनी, पेड़ारी बुजुर्ग, बेडसर, सिकड़ा, कोइलाडाड़ आदि गांव पड़ता है।
विज्ञापन
बांसी से धानी की दूरी 30 किलोमीटर है। सात वर्ष पूर्व पेड़ारी से नौगढ़ और कानपुर के लिए रोडवेज चलती थी। तब यात्रियों को सहूलियत थी। अब यह सेवा बंद हो गयी है। इटवा, डुमरियागंज से निकलकर बांसी के रास्ते बड़ी संख्या में आमजन के अलावा व्यापारी रोजगार के लिए गोरखपुर आते-जाते हैं। इस मार्ग पर रोडवेज बस न होने की वजह से निजी वाहनों का सहारा लेते हैं। स्थिति यह है कि यात्रियों ने बताया कि 30 किलोमीटर का किराया 60 से 70 रुपया वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
30 किलोमीटर की यात्रा में बार-बार उतरना बैठना नहीं पड़ता था। क्षेत्र के सूर्यनाथ त्रिपाठी, जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, बृजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश गुप्ता, राम प्रकाश गुप्ता, जग्गू प्रसाद, हरी नारायण सिंह, राम कुमार, राम गोपाल आदि ने जल्द रोडवेज बस चलवाने की मांग की है। इस संबंध में एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया कि रूट का सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद बस संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन
यह है मुख्य चौराहा, जहां से निकलते हैं यात्री
बांसी से चलकर धानी की ओर पडऩे वाले मुख्य चौराहा तिवारीपुर, पटखौली, अदिलापुर, गोहर, सेमरा, लमुही, गोनहा ताल, सिसहनिया, बिशुनपुर मुस्तहकम, नेवटवा, सेमरा मुस्तहकम, सकारपार, कोटिया पांडेय, छितौनी, पेड़ारी बुजुर्ग, बेडसर, सिकड़ा, कोइलाडाड़ आदि गांव पड़ता है।