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राप्ती और बानगंगा का जलस्तर बढ़ रहा
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राप्ती और बानगंगा का जलस्तर बढ़ रहा
सिद्घार्थनगर। दो दिन तक लगातार बारिश से जिले की नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी बारिश बंद होने से कम होने लगी। हालांकि मंगलवार को राप्ती और बानगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी। वहीं बूढ़ी राप्ती और कूड़ा नदी का जलस्तर घटने लगा।
नेपाल के पहाड़ों समेत जिले में दो दिन तक हुई बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा था। उससे आसपास के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए थे। बारिश बंद होने के बावजूद राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। इसके साथ ही बानगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वहीं बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, तेलार और जमुआर के जलस्तर घटने लगे।
बारिश के मौसम में नदियों के जलस्तर घटन और बढ़ने के दौरान किनारे पर कटान होती है, इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मकान और कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन हो जाती है। बाढ़ प्रभावित गांव हथिवड़ताल, महदेवा, ताल भिरौना आदि गांव के निवासी राकेश, निरंजन, रामप्रकाश आदि का कहना है कि प्रति वर्ष बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ता है।
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सिद्घार्थनगर। दो दिन तक लगातार बारिश से जिले की नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी बारिश बंद होने से कम होने लगी। हालांकि मंगलवार को राप्ती और बानगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी। वहीं बूढ़ी राप्ती और कूड़ा नदी का जलस्तर घटने लगा।
नेपाल के पहाड़ों समेत जिले में दो दिन तक हुई बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा था। उससे आसपास के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए थे। बारिश बंद होने के बावजूद राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। इसके साथ ही बानगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वहीं बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, तेलार और जमुआर के जलस्तर घटने लगे।
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बारिश के मौसम में नदियों के जलस्तर घटन और बढ़ने के दौरान किनारे पर कटान होती है, इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मकान और कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन हो जाती है। बाढ़ प्रभावित गांव हथिवड़ताल, महदेवा, ताल भिरौना आदि गांव के निवासी राकेश, निरंजन, रामप्रकाश आदि का कहना है कि प्रति वर्ष बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ता है।
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