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Siddharthnagar News: नक्शा आवासीय, बना लिया होटल-मैरिज हाॅल
Sat, 23 Nov 2024 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Nov 2024 12:01 AM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर में बिना नियम के आवासीय भवन पर मैरिज हाॅल और होटल चलाया जा रहा है। घर का नक्शा पास कराकर होटल और मैरिज हाॅल तो बना दिया गया, लेकिन कहीं पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है। नतीजा लग्न शुरू होते ही शाम को जाम के हालात बन जा रहे हैं। सड़क पर गाड़ियों खड़ी रहने की वजह से द्वारपूजा शुरु होते ही जो वहां फंसा, उसे घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। यह हाल एक मार्ग की नहीं है। बल्कि पूरे शहर के मुख्य मार्ग पर पर है। जहां होटल और मैरेज हाल संचालकों की मनमानी की खामियाजा राहगीर झेलते हैं।
ऐसा ही हाल शुक्रवार शाम को नगर के उसका-नौगढ़ मार्ग, शहर के बर्डपुर मार्ग और बांसी-नौगढ़ मार्ग पर मैरिज हाल के सामने देखने को मिला। शादी के धूम और बरातियों के उछल कूद वाले डांस और पटाखों की आवाज के कारण या तो लोग रास्ता बदल ले रहे थे, या फिर इंतजार करने के बाद आगे बढ़ पा रहे थे।
यह एक दिन की दशा नहीं है, जितने दिन इन मैरिज हाल में शादियां होती है। उतने दिन जाम से जूझना पड़ता है, लेकिन आवासीय निर्माण पर चलने वाले होटल और मैरिज हाॅल से पार्किंग में होने वाली समस्या को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। पड़ताल में दिखा यह हाल : शाम को नगर के उसका-गोरखपुर मार्ग पर निकले। यहां हुसैनगंज के पास एक मैरिज हाॅल पर शादी थी। गेट बाहर होने के कारण सड़क के किनारे वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते पूरे मार्ग पर 100 मीटर के दायरे में गाड़ियों की लाइन लग गई।
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इससे एक साथ दो वाहनों को निकलने में मश्क्कत हो रही थी। द्वारपूजा शुरू होने के बाद पूरी सड़क जाम की गिरफ्त में आ जाती है। यह नजारा पिछले तीन दिनों से देखा जा रहा है। कारण एनएच निर्माण शुरू होने कारण सड़क के दोनों के तरफ खुदाई हुई है। ऐसे में एक बार फंसने वाला व्यक्ति बगल से भी नहीं निकल सकता है।
इससे आगे शहर के बर्डपुर मार्ग पर बांंसी तिराहा से आगे मैरिज हाल पर कमोबेश यही हाल होता है। यहां जबसे शादी शुरू होती है लोग मार्ग बदलते देते हैं। बगल के बाईपास होकर निकलते हैं।
शुक्रवार को कई मैरिज हॉल में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए वाहनों की भीड़ लग रही थी। हालांकि, बारात नहीं आई थी। नियमित आने-जाने वाले पुरानी नौगढ़ निवासी अल्ताफ ने बताया कि नियमित आते-जाते हैं। पिछले कई दिनों से लग्न के कारण रास्ता बदल दिया है।
क्योंकि भीड़ के साथ ही खूब पटाखा छोड़ा जाता है, जिससे निकलने मुश्किल होता है। कुछ यही हाल साड़ी तिराहा से लगभग 200 मीटर आगे भी यही हाल नियमित रहता है। जब द्वारपूजा शुरू होती है तो लोग दूसरे लेन से गुजरते हैं। इसमें बड़े वाहन चालक और चार पहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है। क्योंकि, उन्हें घूमकर दूसरे लेन में जाने में परेशानी होती है।
इसके आगे सनई के पास मैरिज हाल देखा जाता है। सड़क से सटकर मैरिज हाल बना है। इसके बाद बस्ती-नौगढ़ एनएच पर सभी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। यहां तक तो गनीमत है। जब द्वारपूजा शुरू होती है तो हाल बुरा हो जाता है। कारण पूरी सड़क जाम की गिरफ्त में होती है।
ऐसे में राहगीरों को बाइक एजेंसी के पास से घूमकर दूसरे लेन से होकर निकलते हैं। कमोबेश यही हाल शहर के रेलवे स्टेशन रोड का भी है। यहां दो मैरिज हाल हैं। इधर द्वारपूजा, उधर 10 बजे इंटरसिटी निकलती है। इसके बाद जाम के हालात बन जाते हैं। इसी बीच अगर रोडवेज की बस निकल गई तो हालत और बिगड़ जाती है। ऐसे में लोगों को नगर की गलियों से निकलना पड़ता है।
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ऐसा ही हाल शुक्रवार शाम को नगर के उसका-नौगढ़ मार्ग, शहर के बर्डपुर मार्ग और बांसी-नौगढ़ मार्ग पर मैरिज हाल के सामने देखने को मिला। शादी के धूम और बरातियों के उछल कूद वाले डांस और पटाखों की आवाज के कारण या तो लोग रास्ता बदल ले रहे थे, या फिर इंतजार करने के बाद आगे बढ़ पा रहे थे।
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यह एक दिन की दशा नहीं है, जितने दिन इन मैरिज हाल में शादियां होती है। उतने दिन जाम से जूझना पड़ता है, लेकिन आवासीय निर्माण पर चलने वाले होटल और मैरिज हाॅल से पार्किंग में होने वाली समस्या को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। पड़ताल में दिखा यह हाल : शाम को नगर के उसका-गोरखपुर मार्ग पर निकले। यहां हुसैनगंज के पास एक मैरिज हाॅल पर शादी थी। गेट बाहर होने के कारण सड़क के किनारे वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते पूरे मार्ग पर 100 मीटर के दायरे में गाड़ियों की लाइन लग गई।
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इससे एक साथ दो वाहनों को निकलने में मश्क्कत हो रही थी। द्वारपूजा शुरू होने के बाद पूरी सड़क जाम की गिरफ्त में आ जाती है। यह नजारा पिछले तीन दिनों से देखा जा रहा है। कारण एनएच निर्माण शुरू होने कारण सड़क के दोनों के तरफ खुदाई हुई है। ऐसे में एक बार फंसने वाला व्यक्ति बगल से भी नहीं निकल सकता है।
इससे आगे शहर के बर्डपुर मार्ग पर बांंसी तिराहा से आगे मैरिज हाल पर कमोबेश यही हाल होता है। यहां जबसे शादी शुरू होती है लोग मार्ग बदलते देते हैं। बगल के बाईपास होकर निकलते हैं।
शुक्रवार को कई मैरिज हॉल में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए वाहनों की भीड़ लग रही थी। हालांकि, बारात नहीं आई थी। नियमित आने-जाने वाले पुरानी नौगढ़ निवासी अल्ताफ ने बताया कि नियमित आते-जाते हैं। पिछले कई दिनों से लग्न के कारण रास्ता बदल दिया है।
क्योंकि भीड़ के साथ ही खूब पटाखा छोड़ा जाता है, जिससे निकलने मुश्किल होता है। कुछ यही हाल साड़ी तिराहा से लगभग 200 मीटर आगे भी यही हाल नियमित रहता है। जब द्वारपूजा शुरू होती है तो लोग दूसरे लेन से गुजरते हैं। इसमें बड़े वाहन चालक और चार पहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है। क्योंकि, उन्हें घूमकर दूसरे लेन में जाने में परेशानी होती है।
इसके आगे सनई के पास मैरिज हाल देखा जाता है। सड़क से सटकर मैरिज हाल बना है। इसके बाद बस्ती-नौगढ़ एनएच पर सभी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। यहां तक तो गनीमत है। जब द्वारपूजा शुरू होती है तो हाल बुरा हो जाता है। कारण पूरी सड़क जाम की गिरफ्त में होती है।
ऐसे में राहगीरों को बाइक एजेंसी के पास से घूमकर दूसरे लेन से होकर निकलते हैं। कमोबेश यही हाल शहर के रेलवे स्टेशन रोड का भी है। यहां दो मैरिज हाल हैं। इधर द्वारपूजा, उधर 10 बजे इंटरसिटी निकलती है। इसके बाद जाम के हालात बन जाते हैं। इसी बीच अगर रोडवेज की बस निकल गई तो हालत और बिगड़ जाती है। ऐसे में लोगों को नगर की गलियों से निकलना पड़ता है।