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Siddharthnagar News: फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने के आरोप में सपा प्रदेश सचिव पर रिपोर्ट
Thu, 26 Mar 2026 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:15 PM IST
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शाहपुर। फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में डुमरियागंज पुलिस ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रामफेर यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष लवकुश ओझा की ओर से पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती को दिए शिकायती पत्र दिया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार डुमरियागंज थाना क्षेत्र के सेखुई गोवर्धन गांव निवासी सपा नेता रामफेर यादव ने कथित रूप से वर्ष 2011 में जनपद प्रतापगढ़ से जारी फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। उक्त प्रमाण पत्र में उनका पता ग्राम सरियापुर, पोस्ट नौबस्ता, थाना जेठवारा, जनपद प्रतापगढ़ दर्शाया गया था, जबकि सेवा अभिलेखों में उनका पता ग्राम खेखुई गोवर्धन, सिद्धार्थनगर अंकित है।
बताया जाता है कि यह विकलांग प्रमाण पत्र एक विशेष शिविर में जारी किया गया था, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था। ऐसे शिविरों से जारी प्रमाण पत्रों की वैधता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
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विभागीय स्तर पर संदेह होने पर मामले की जांच कराई गई। संबंधित को कई बार मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
तत्कालीन जिला विकास अधिकारी एवं जांच अधिकारी सुदामा प्रसाद द्वारा 24 अक्टूबर 2017 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया और न ही सरकारी धन की रिकवरी की गई जबकि जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र को स्पष्ट रूप से फर्जी बताया गया था।
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में ब्लाॅक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष लवकुश ओझा की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए डुमरियागंज पुलिस ने रामफेर यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 व 471 के तहत प्राथमिक दर्ज कर ली है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार डुमरियागंज थाना क्षेत्र के सेखुई गोवर्धन गांव निवासी सपा नेता रामफेर यादव ने कथित रूप से वर्ष 2011 में जनपद प्रतापगढ़ से जारी फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। उक्त प्रमाण पत्र में उनका पता ग्राम सरियापुर, पोस्ट नौबस्ता, थाना जेठवारा, जनपद प्रतापगढ़ दर्शाया गया था, जबकि सेवा अभिलेखों में उनका पता ग्राम खेखुई गोवर्धन, सिद्धार्थनगर अंकित है।
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बताया जाता है कि यह विकलांग प्रमाण पत्र एक विशेष शिविर में जारी किया गया था, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था। ऐसे शिविरों से जारी प्रमाण पत्रों की वैधता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
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विभागीय स्तर पर संदेह होने पर मामले की जांच कराई गई। संबंधित को कई बार मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
तत्कालीन जिला विकास अधिकारी एवं जांच अधिकारी सुदामा प्रसाद द्वारा 24 अक्टूबर 2017 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया और न ही सरकारी धन की रिकवरी की गई जबकि जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र को स्पष्ट रूप से फर्जी बताया गया था।
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में ब्लाॅक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष लवकुश ओझा की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए डुमरियागंज पुलिस ने रामफेर यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 व 471 के तहत प्राथमिक दर्ज कर ली है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।