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Siddharthnagar News: राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान.. अब भरेंगे सपनों की उड़ान
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एमएमएमयूटी के नौवें दीक्षांत समारोह में 19 टॉपरों को मिले 42 स्वर्ण पदक
36 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि, मुख्य अतिथि एस. नंबी नारायणन को डीएससी की मानद उपाधि
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में बृहस्पतिवार को नौवें दीक्षांत समारोह में 19 मेधावियों को 42 स्वर्ण पदक मिले। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मेधावियों को पदक पहनाया। साथ ही 36 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
दीक्षांत समारोह में कुल 1462 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें 1081 छात्र और 369 छात्राएं शामिल हैं। दीक्षांत समारोह की शुरुआत शैक्षणिक शोभायात्रा से हुई। सुबह 11:20 बजे जैसे ही शोभायात्रा बहुउद्देशीय हॉल में पहुंची तो उपस्थित लोगों ने तालियों से उसका स्वागत किया। शैक्षणिक शोभायात्रा के सभागार में विराजमान होने के बाद विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् का गायन किया।
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समारोह का एक आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण संबंधित एक गीत की प्रस्तुति रही। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया।
इसके बाद कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इसमें उन्होंने एनआईआरएफ रैंकिंग, एकेडमिक ऑडिट, सोशल इंटर्नशिप, डिजि लॉकर पर मार्कशीट अपलोड करने आदि के बारे में बताया। उपाधि प्रदान करने से पूर्व उत्तीर्ण हो रहे विद्यार्थियों को कुलपति ने दीक्षोपदेश दिया।
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मुख्य अतिथि को दी गई डीएससी की मानद उपाधि
समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मुख्य अतिथि एस. नंबी नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की। इसके अलावा कुल 1462 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के 164 छात्र, बीटेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के 186 छात्र, बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 172 छात्र, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के 171 छात्र, बीटेक मेकेनिकल इंजीनियरिंग के 161 छात्र, बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग के 80 छात्र एवं बीटेक आईटी के 94 (कुल 1028 बीटेक छात्र) शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त 67 छात्रों को बीबीए, 130 छात्रों को एमटेक, 72 छात्रों को एमबीए, 70 छात्रों को एमसीए, 25 छात्रों को एमएससी (भौतिकी), 21 छात्रों को एमएससी (रसायन विज्ञान), 13 छात्रों को एमएससी (गणित) एवं 36 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
विद्यालयों को भेंट की 100 पुस्तकें
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों क्रमशः जंगल राम लखना, जंगल अयोध्या प्रसाद, जंगल बेलवार, डुमरी खुर्द और रायगंज के 25 स्कूली बच्चे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कुलाधिपति, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने दीक्षा उत्सव के विजेता बालक-बालिकाओं को प्रमाणपत्र वितरित किया। कुलाधिपति ने राजभवन की ओर से इन गावों में स्थित विद्यालयों को 100 पुस्तकें भेंट कीं, जिन्हें इन विद्यालयों की लाइब्रेरी में रखा जाएगा। स्कूली बच्चों में उन्होंने पुस्तकें, लेखन सामग्री, फल इत्यादि युक्त किट वितरित की।
कुशीनगर की 52 आंगनबाड़ियों को किट
कुलाधिपति ने कुशीनगर जनपद की 52 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट प्रदान की गई। कुलाधिपति ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मंच से यह किट प्रदान की। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के साथ कुशीनगर के डीएम उमेश मिश्र एवं सीडीओ गुंजन द्विवेदी भी मौजूद रहीं। किट वितरण में सहयोग के लिए कुलाधिपति ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक एवं एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया।
पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने डॉ. एसपी सिंह की पुस्तक, विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति आख्या, वार्षिक छात्र पत्रिका मालविका एवं दीक्षा उत्सव की चित्रकला प्रतियोगिता के चित्रों के संकलन का भी विमोचन किया।
डिजिलॉकर पर अपलोड हुई डिग्री और मार्कशीट
विश्वविद्यालय ने इस बार डिग्री के साथ ही मार्कशीट को भी डिजिलॉकर पर अपलोड किया है। समारोह में कुलाधिपति ने बटन दबाकर एक साथ इस दीक्षांत की सभी उपाधियों एवं अंकपत्रों को डिजिलॉकर पर अपलोड किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रशंसा की कि डिजीलॉकर पर उपाधि और अंकपत्र अपलोड होने से छात्रों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। टेक्नोलॉजी की मदद से विद्यार्थी कहीं से भी अपनी डिग्री और मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। अभी तक केवल डिग्री ही डिजिलॉकर पर अपलोड होती थी। कार्यक्रम के अंत में कुलपति ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया। कुलाधिपति को फलों की टोकरी भेंट की। मंच संचालन जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अभिजीत मिश्रा एवं डॉ. अंजलि सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. जय प्रकाश ने किया।