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निजी एंबुलेंस वाले नहीं वसूल पाएंगे मनमाना किराया
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निजी एंबुलेंस वाले नहीं वसूल पाएंगे मनमाना किराया
टाइप टू रोड एंबुलेंस के पहले 10 किमी के लिए एक हजार हुआ किराया
उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली के तहत एंबुलेंस कर मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। अब निजी एंबुलेंस संचालक कोरोना संक्रमित मरीजों से मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे। अब इन मरीजों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग ने शुल्क तय कर दिया है। इसके तहत टाइप टू रोड एंबुलेंस के पहले 10 किलोमीटर के लिए एक हजार रुपये किराया तय किया गया है।
मोटरयान अधिनियम के तहत एंबुलेंस को परमिट की आवश्यकता से मुक्त रखा गया है। ऐसे में एंबुलेंस के परमिट जारी नहीं किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली के तहत एंबुलेंस को कर से मुक्त रखा गया है। इससे साफ है कि एंबुलेंस का प्रयोग व्यावसायिक न होकर अन्य रूप से मरीज या घायल के परिवहन के लिए किया जाता है। यह एक तरह की समाजसेवा है। एंबुलेंस की किराये की दरों पर नियंत्रण के लिए समय-समय पर अधिसूचना जारी की जाती है।
मजबूरी का फायदा उठाते थे कुछ चालक
निजी अस्पतालों से जुड़े कुछ एंबुलेंस चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमानी किराया वसूल लेते थे। थरौली बाजार के अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना काल में एक एंबुलेंस चालक ने उनके रिश्तेदार से ज्यादा किराया वसूल लिया था। नियम बनने के बाद किराया देने में लोग सही-गलत की बात करेंगे।
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ये हैं नई दरें
एआरटीओ आशुतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम 10 किलोमीटर के लिए 500 रुपये। 10 किलोमीटर के बाद 10 रुपये प्रति किलोमीटर, टाइप-टू रोड एंबुलेंस पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस मारुति ओमनी, टाटा मैजिक, मारुति ईको आदि प्रथम 10 किलोमीटर के लिए 1000 रुपये व 10 किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर 20 रुपये, टाइप-थ्री रोड एंबुलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पहले 10 किलोमीटर के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है।
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टाइप टू रोड एंबुलेंस के पहले 10 किमी के लिए एक हजार हुआ किराया
उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली के तहत एंबुलेंस कर मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। अब निजी एंबुलेंस संचालक कोरोना संक्रमित मरीजों से मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे। अब इन मरीजों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग ने शुल्क तय कर दिया है। इसके तहत टाइप टू रोड एंबुलेंस के पहले 10 किलोमीटर के लिए एक हजार रुपये किराया तय किया गया है।
मोटरयान अधिनियम के तहत एंबुलेंस को परमिट की आवश्यकता से मुक्त रखा गया है। ऐसे में एंबुलेंस के परमिट जारी नहीं किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली के तहत एंबुलेंस को कर से मुक्त रखा गया है। इससे साफ है कि एंबुलेंस का प्रयोग व्यावसायिक न होकर अन्य रूप से मरीज या घायल के परिवहन के लिए किया जाता है। यह एक तरह की समाजसेवा है। एंबुलेंस की किराये की दरों पर नियंत्रण के लिए समय-समय पर अधिसूचना जारी की जाती है।
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मजबूरी का फायदा उठाते थे कुछ चालक
निजी अस्पतालों से जुड़े कुछ एंबुलेंस चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमानी किराया वसूल लेते थे। थरौली बाजार के अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना काल में एक एंबुलेंस चालक ने उनके रिश्तेदार से ज्यादा किराया वसूल लिया था। नियम बनने के बाद किराया देने में लोग सही-गलत की बात करेंगे।
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ये हैं नई दरें
एआरटीओ आशुतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम 10 किलोमीटर के लिए 500 रुपये। 10 किलोमीटर के बाद 10 रुपये प्रति किलोमीटर, टाइप-टू रोड एंबुलेंस पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस मारुति ओमनी, टाटा मैजिक, मारुति ईको आदि प्रथम 10 किलोमीटर के लिए 1000 रुपये व 10 किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर 20 रुपये, टाइप-थ्री रोड एंबुलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पहले 10 किलोमीटर के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है।