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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आरोपी राकेश पर लगा गैंगस्टर

Sun, 29 May 2022 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 11:48 PM IST
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Rakesh accused of teacher recruitment fraud gangster
शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आरोपी राकेश पर लगा गैंगस्टर
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सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेज के सहारे कई लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलाने के आरोपी राकेश सिंह पर पुलिस ने एक बार फिर शिकंजा कसा है। पुलिस ने इस आरोपी को गिरोह का सरगना माना है। इस पर सदर थाने की पुलिस ने गैंगस्टर के तहत केस दर्ज किया है। अब राकेश सिंह पुलिस की सूची में गैंगस्टर भी हो गया। हालांकि वह जेल से जमानत पर बाहर आ चुका है। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच जारी है।
फर्जी दस्तावेज के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बनाने के काले कारमाने का पर्दाफाश वर्ष 2018-19 में सामने आया था। मामला हाई प्रोफाइल लगा तो शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी थी। एसटीएफ की जांच में फर्जी नियुक्ति कराने वाले गिरोह के सरगना के तौर पर राकेश सिंह का नाम सामने आया। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया। वह जेल भेजा गया था। मौजूदा समय में वह जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है।
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गिरोहबंद अपराध करने वाले माफिया पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस व प्रशासन की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एक बार प्रशासन ने शिक्षा माफिया राकेश सिंह पर शिकंजा कसा है। सदर पुलिस ने उसके खिलाफ गिरोहबंद अपराध गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई। मूल रूप से देवरिया के रहने वाले राकेश सिंह पर फिर पुलिस ने शिकंजा कसा है। इस संबंध में कोतवाल सदर तहसीलदार सिंह ने बताया कि राकेश सिंह पर कई मुकदमे दर्ज हैं। संगीन अपराध हैं। इस लिए उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
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इशारे पर चलता था विभाग और काम करते थे जिम्मेदार
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि एक समय था कि राकेश सिंह के इशारे पर बीएसए कार्यालय चलता था। उसके अनुसार, शिक्षक भर्ती के लिए काउंटर लगाया जाता था। उसी काउंटर पर फर्जी दस्तावेज वालों की काउंसिलिंग होती थी। जो वह कहता था, वह होता था। जो नहीं सुना, उसका स्थानांतर तय होता था।
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