फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Rain transforms the market; demand rises for everything from umbrellas to pakoras.

Siddharthnagar News: बारिश ने बदला बाजार, छाते से पकौड़ी तक की मंाग बढ़ी

Tue, 21 Jul 2026 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 21 Jul 2026 12:34 AM IST
विज्ञापन
Rain transforms the market; demand rises for everything from umbrellas to pakoras.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। मानसून की सक्रियता के साथ जिले के बाजार का रंग-रूप भी बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों की जरूरतें बदल दी हैं। जहां पहले गर्मी से राहत देने वाले सामानों की मांग थी, वहीं अब छाता, रेनकोट, गमबूट, तिरपाल, मच्छर भगाने वाले उत्पाद और सर्दी-जुकाम की दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। दूसरी ओर चाय, अदरक वाली चाय, भुट्टा और पकौड़ी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है।
जिला मुख्यालय के साथ ही बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ सहित अन्य बाजारों में बारिश से जुड़े सामानों की खरीदारी बढ़ गई है। नौगढ़ बाजार के छाता विक्रेता संतोष गुप्ता बताते हैं कि एक सप्ताह पहले जहां रोजाना 15-20 छाते बिक रहे थे। वहीं, अब 50 से अधिक छाते बिक रहे हैं। साधारण छातों की कीमत 180 से 300 रुपये तथा फोल्डिंग छातों की कीमत 350 से 700 रुपये तक है। रेनकोट की बिक्री भी दोगुनी हो गई है।
विज्ञापन

डुमरियागंज के हार्डवेयर व्यवसायी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि किसानों और ग्रामीणों की ओर से तिरपाल की मांग बढ़ी है। पहले जहां प्रतिदिन पांच-छह तिरपाल बिकते थे, अब 15 से 20 तिरपाल की बिक्री हो रही है। कुछ कंपनियों के तिरपाल के दाम में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश के कारण चाय और गरमा-गरम नाश्ते की दुकानों पर भी रौनक लौट आई है। बांसी बस स्टैंड के पास चाय विक्रेता रामू साहनी ने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद अदरक वाली चाय, पकौड़ी और भुट्टे की मांग काफी बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन 12 से 15 लीटर दूध की खपत होती थी, अब 20 लीटर तक पहुंच गई है। शाम के समय दुकानों पर ग्राहकों की कतार लग रही है।
उधर मेडिकल स्टोरों पर भी सर्दी-जुकाम, बुखार और फंगल संक्रमण से बचाव की दवाओं के साथ मच्छर भगाने वाली कॉयल, लिक्विड वेपराइजर और रिपेलेंट क्रीम की बिक्री बढ़ी है। नौगढ़ के मेडिकल व्यवसायी अशोक जायसवाल का कहना है कि मानसून में डेंगू और मलेरिया की आशंका को देखते हुए लोग पहले से ही बचाव के सामान खरीद रहे हैं।

बिजली की आवाजाही प्रभावित होने से इनवर्टर, टॉर्च, इमरजेंसी लाइट और रिचार्जेबल लैंप की मांग में भी इजाफा हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार रिजवान अहमद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से इनवर्टर और बैटरी की पूछताछ पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है।
ग्राहक सविता देवी का कहना है कि बच्चों के स्कूल खुलने और लगातार बारिश के कारण रेनकोट, छाता और गमबूट खरीदना मजबूरी बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed