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Siddharthnagar News: सरकार की नीतियों का किया विरोध, बांधी काली पट्टी

Thu, 23 Jan 2025 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 11:57 PM IST
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Protested against government policies, tied black band
अधीक्षण अभियंता कार्यालय सिद्धार्थनगर मे निजीकरण का विरोध करते विधुत कर्मी और अधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों ने एसई कार्यालय के सामने बैठक की। इसमें निजीकरण न करने को लेकर बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
संघर्ष समिति व राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संघ ने चेतावनी दी कि निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन कंसल्टेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल रद्द करे, अन्यथा अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बन रहा है, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की है।
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पदाधिकारियों ज्ञान प्रकाश, योगेश बघेल, नीरज कुशवाहा, यादवेश राय, अनिल यादव, पंकज कुमार, अनिल कुमार यादव, राजदीप चौधरी, जहीर अब्बास अंसारी आदि ने सभा में कहा कि पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जा रहा है।
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संघर्ष समिति ने कहा कि जहां एक ओर निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने से बिजली कर्मियों में पहले से ही भारी गुस्सा व्याप्त है वहीं दूसरी ओर विद्युत वितरण निगमों को बेचने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने हेतु प्री बिडिंग कांफ्रेंस के समाचार से बिजली कर्मियों का आक्रोश और बढ़ गया है।
कहा कि प्री बिडिंग कांफ्रेंस के दिन समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता भोजन अवकाश के दौरान कार्यालयों से बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि कंसल्टेंट कॉर्पोरेट घरानों से ही होते हैं और कंसल्टेंट ऐसा आरएफपी डॉक्यूमेंट तैयार करते हैं जो संबंधित कॉरपोरेट घराने को सूट करता है। यह एक प्रकार से मिली भगत का खेल है जिसे रोका जाना चाहिए। कहा कि निजीकरण के विरोध में अभियान तेज करने के लिए परियोजना मुख्यालय पर बिजली कर्मियों का सभाएं की जाएंगी।र
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