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आजादी की लड़ाई में मंगल पांडेय का योगदान : डॉ. सुनीता
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सिद्धार्थ विश्वविधालय शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिम छात्र-छात्राए?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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आजादी की लड़ाई में मंगल पांडेय का योगदान : डॉ. सुनीता
- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के इतिहास विभाग की तरफ से शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर मंगलवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि आजादी की लड़ाई 1857 में ही प्रारंभ हो गई थी, जिसमें अमर शहीद मंगल पांडेय का योगदान अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि शहीद मंगल पांडेय का बलिदान युवा पीढ़ी के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडेय प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे, वे राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के भविष्य की दिशा देने वालो में अग्रणीय हैं।
हिंदी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रेनू त्रिपाठी ने कहा कि मंगल पांडेय प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के जननायक थे, वह अपने प्राणों की आहुति देश हित में समर्पित कर दिया। कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडेय अपने जीवन के इतने कम समय में देश हित में इतना बड़ा त्याग और बलिदान दिया। यह सदैव चिर स्मरणीय होगा।
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राजनीति विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सरिता सिंह ने कहा कि युवाओं को शहीद मंगल पांडेय से देशभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस दौरान डॉ. यशवंत यादव, अनुज उपाध्याय, रीमा जायसवाल, संघमित्रा राव, साधना कसौधन, स्नेहलता पांडेय, संध्या साहू उपस्थित रहे।
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- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में गोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के इतिहास विभाग की तरफ से शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर मंगलवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि आजादी की लड़ाई 1857 में ही प्रारंभ हो गई थी, जिसमें अमर शहीद मंगल पांडेय का योगदान अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि शहीद मंगल पांडेय का बलिदान युवा पीढ़ी के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडेय प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे, वे राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के भविष्य की दिशा देने वालो में अग्रणीय हैं।
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हिंदी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रेनू त्रिपाठी ने कहा कि मंगल पांडेय प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के जननायक थे, वह अपने प्राणों की आहुति देश हित में समर्पित कर दिया। कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडेय अपने जीवन के इतने कम समय में देश हित में इतना बड़ा त्याग और बलिदान दिया। यह सदैव चिर स्मरणीय होगा।
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राजनीति विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सरिता सिंह ने कहा कि युवाओं को शहीद मंगल पांडेय से देशभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस दौरान डॉ. यशवंत यादव, अनुज उपाध्याय, रीमा जायसवाल, संघमित्रा राव, साधना कसौधन, स्नेहलता पांडेय, संध्या साहू उपस्थित रहे।