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Siddharthnagar News: 22 को जन्म देना चाहती हैं गर्भवती... ऑपरेशन ही सही
Sat, 20 Jan 2024 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 Jan 2024 11:25 PM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर के कई डॉक्टर असमंजस में हैं। वजह है कि कई गर्भवती महिलाओं ने अनुरोध किया है कि वे 22 जनवरी को ही बच्चे को जन्म देना चाहती हैं। भले ही उसके लिए उन्हें ऑपरेशन करवाना पड़े। मां बनने जा रही ऐसी महिलाओं की मान्यता है कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही यदि बच्चे को जन्म देंगी तो उनके घर में भी राम का आगमन होगा। वे कौशल्या जैसी भाग्यशाली माता कहलाएंगी। उनके लिए बच्चे और पूरे परिवार के लिए भी 22 जनवरी यादगार बन जाएगी।
शहर की कई महिलाएं हैं जिनके प्रसव की तारीख जनवरी के तीसरे सप्ताह में है, लेकिन वे चाहते हैं कि 22 को ही बच्चे का जन्म हो। अपने मन मुताबिक समय पर प्रसव के लिए तो ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे में उनके परिजन डॉक्टरों से यह गुहार लगा रहे हैं कि 22 को ही ऑपरेशन से बच्चे का जन्म करा दें, जिससे कि उनके घर में ही ''''''''राम'''''''' आ जाएं। हुसैनगंज स्थित कुसुम मेमोरियल अस्पताल की महिला डॉक्टर इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनके पास उपचार करा रहीं गर्भवती के परिजन यह चाहते हैं कि 22 को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हो। उनके लिए परेशानी यह है कि एक दिन में इतने ऑपरेशन संभव नहीं है, क्योंकि ओटी में इमरजेंसी सर्जरी को प्राथमिकता दी जाती है। 22 को हमारे घर में भी भगवान श्रीराम शिशु रूप में पधारेंगे।
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ऑपरेशन एक विकल्प है न की सामान्य प्रक्रिया
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता पांडेय बताती हैं कि दो साल पहले लोग नक्षत्र दिखाकर ऑपरेशन की डेट मांगते थे। बताते थे कि उक्त समय पर ऑपरेशन से बच्चा होने पर सब कुछ ठीक रहेगा। जबकि, ऑपरेशन एक विकल्प है न की सामान्य प्रक्रिया। इसी तरह अब राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही प्रसव कराने के लोग ऑपरेशन कराना चाहते हैं। स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ डॉ. आफरीन अतहर ने बताया कि अब हिंदू के साथ मुस्लिम वर्ग के लोग भी मुहूर्त पर प्रसव कराने की मांग कर रहे हैं। यह ट्रेंड शुरू हो गया है। अस्पताल में ओटी 24 घंटे तैयार रहती है, कोई आएगा और समय से पहले प्रसव में जच्चा बच्चा सुरक्षित होने की पूरी संभावना होगी तो सर्जरी की जाएगी।
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शहर की कई महिलाएं हैं जिनके प्रसव की तारीख जनवरी के तीसरे सप्ताह में है, लेकिन वे चाहते हैं कि 22 को ही बच्चे का जन्म हो। अपने मन मुताबिक समय पर प्रसव के लिए तो ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे में उनके परिजन डॉक्टरों से यह गुहार लगा रहे हैं कि 22 को ही ऑपरेशन से बच्चे का जन्म करा दें, जिससे कि उनके घर में ही ''''''''राम'''''''' आ जाएं। हुसैनगंज स्थित कुसुम मेमोरियल अस्पताल की महिला डॉक्टर इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनके पास उपचार करा रहीं गर्भवती के परिजन यह चाहते हैं कि 22 को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हो। उनके लिए परेशानी यह है कि एक दिन में इतने ऑपरेशन संभव नहीं है, क्योंकि ओटी में इमरजेंसी सर्जरी को प्राथमिकता दी जाती है। 22 को हमारे घर में भी भगवान श्रीराम शिशु रूप में पधारेंगे।
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ऑपरेशन एक विकल्प है न की सामान्य प्रक्रिया
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता पांडेय बताती हैं कि दो साल पहले लोग नक्षत्र दिखाकर ऑपरेशन की डेट मांगते थे। बताते थे कि उक्त समय पर ऑपरेशन से बच्चा होने पर सब कुछ ठीक रहेगा। जबकि, ऑपरेशन एक विकल्प है न की सामान्य प्रक्रिया। इसी तरह अब राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही प्रसव कराने के लोग ऑपरेशन कराना चाहते हैं। स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ डॉ. आफरीन अतहर ने बताया कि अब हिंदू के साथ मुस्लिम वर्ग के लोग भी मुहूर्त पर प्रसव कराने की मांग कर रहे हैं। यह ट्रेंड शुरू हो गया है। अस्पताल में ओटी 24 घंटे तैयार रहती है, कोई आएगा और समय से पहले प्रसव में जच्चा बच्चा सुरक्षित होने की पूरी संभावना होगी तो सर्जरी की जाएगी।
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