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धरने पर शुरू हुई राजनीति : समर्थन में सांसद प्रतिनिधि, विरोध में भाकियू

Wed, 04 Dec 2024 11:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 04 Dec 2024 11:43 AM IST
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Politics started on dharna: MP representatives in support, BKU in protest
सिद्धार्थनगर। लेखपालों के धरने पर अब राजनीति शुरू हो गई है। सभी तहसीलों के लेखपालों ने तीन दिन तक तहसील के बाद मंगलवार को दूसरे दिन भी कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल ने समर्थन किया।
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जबकि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रतिनिधिमंडल ने लेखपालों के धरने के विरोध में डीएम को ज्ञापन दिया, उन्होंने 13 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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वहीं पहले दिन सोमवार को प्रशासन और लेखपालों के बीच वार्ता पर सहमति नहीं बनी तो देर शाम बांसी तहसील के दो लेखपालों को निलंबित कर दिया है। कलक्ट्रेट परिसर में शुरू हुए लेखपालों के धरना पर प्रशासन शिकंजा कस रहा है। एसडीएम बांसी प्रदीप कुमार यादव ने बांसी के लेखपाल भानुप्रताप एवं विनोद गौतम को निलंबित कर दिया, जबकि सभी तहसीलों में 10-10 लेखपालों के वेतन की कटौती की गई। वहीं दिसंबर में तीन दिन धरना के दौरान पांच तहसीलों के 90 लेखपालों काे एक से तीन दिन तक वेतन नहीं दिया गया।
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संगठन के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता की बर्खास्तगी, नौ लेखपालों के निलंबन, धरना के दौरान हुई वेतन कटौती एवं चार लेखपालों की सेवा पुस्तिका में पदोन्नति एवं वेतन वृद्धि विचारणीय करने की टिप्पणी लाल स्याही से करने के मामले में सभी कार्रवाई वापस लेने की मांग पर लेखपाल अड़े हैं, जबकि प्रशासन सभी मांगों को मानने को तैयार नहीं है।
लेखपाल संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रणधीर यादव ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि भाकियू ने क्यों ज्ञापन दिया, इसका कारण वे ही बता सकते हैं। हमारी मांगों में सिर्फ लेखपाल ही नहीं बल्कि किसानों के भी मुद्दे हैं।

हमारी मांगें जायज हैं। धरना स्थल पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल ने कहा कि सांसद जगदंबिका पाल लेखपालों के साथ हैं, उन्होंने मुझे फोन पर कहा है कि वे लेखपालों की मांगों का समर्थन करते हैं, यदि आवश्यकता पड़ी तो वे संसद छोड़कर आपके बीच आएंगे।
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